Sita Swayamvar was staged in Ramlila

गोला गोकरन नाथ| ग्राम पंचायत परेली में गुल्ल वीर बाबा के स्थान पर हो रही राम मेला में धनुष भंग और सीता स्वंबर लीला का मंचन किया गया गुल्लवीर बाबा के स्थान पर हो रही रामलीला में राजा जनक ने घोषणा की जो शिवजी का धनुष तोड़ेगा करेगा वही सीता से नाता जोड़ेगा 

जब सभी राजा हार मानकर अपने आसन पर जा बैठे तो राजा जनक को चिंता हुई और बोले लगता है कि धरती वीरों से खाली हो गई है इस बात को सुनकर लक्ष्मण क्रोधित हो गए और भोले जहां रघुवंशी होते हैं वहां ऐसा नहीं बोलते 

विश्वामित्र ने कहा उठऊ राम भंजऊ चापा मेटऊ तात जनक परितापा भगवान राम ने विश्वामित्र की आज्ञा पाकर धनुष को तोड़ दिया सीता स्वंबर में दोनों के विवाह का मंचन किया गया इस मौके पर कमेटी अध्यक्ष कमलेश वर्मा, उपाध्यक्ष आलोक वर्मा ,कोषाध्यक्ष शिशिर वर्मा ,प्रबंधक हरिशरण वर्मा, आडिटर अंबुज कश्यप ,पूर्व कोषाध्यक्ष अरविन्द वर्मा ,ग्राम पंचायत परेली के प्रधान बालगोविंद वर्मा, ऋषि, गोविल, मोंटी, एवम समस्त ग्रामवासी मौजूद रहे

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