भारत का मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) अक्टूबर महीने में बढ़कर 58.9 तक पहुंच गया है. यह साल 2008 के बाद अब तक का रिकॉर्ड है, जब सितंबर 2008 में यह 56.8 तक पहुंचा था. कोरोना लॉकडाउन में नरमी के बाद अब कंपनियां अपना उत्पादन तेजी से बढ़ाने में लगी हैं.

कोरोना संकट में इकोनॉमी के पस्त होने के बाद अब कई अच्छी खबरें मिलने लगी हैं. भारत का मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) अक्टूबर महीने में बढ़कर 58.9 तक पहुंच गया है. यह साल 2008 के बाद अब तक का रिकॉर्ड है, जब सितंबर 2008 में यह 56.8 तक पहुंचा था. आईएचएस मार्किट सर्वे के मुताबिक बिक्री में अच्छी बढ़त की वजह से मैन्युफैक्चरिंग में अच्छी ग्रोथ हो रही है. 

कोरोना लॉकडाउन में नरमी के बाद अब कंपनियां अपना उत्पादन तेजी से बढ़ाने में लगी हैं. हालांकि महंगाई का दबाव बना हुआ है, क्योंकि कच्चे माल की लागत बढ़ी है. 

पूरी स्टोरी पढ़िए