अब सबसे बड़ी अदालत में पहुंची ‘आप’

अब सबसे बड़ी अदालत में पहुंची ‘आप’



नई दिल्ली। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को जनता यानि सबसे बड़ी अदालत को लिखे एक खुले पत्र में 20 आप विधायकों को ‘लाभ का पद’ के कारण अयोग्य करार दिए जाने के मामले में उनका समर्थन मांगा।

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सिसोदिया ने ट्वीट किए गए पत्र में भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर बाधाएं डालकर दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को काम नहीं करने देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ‘देश भर में तेजी से बढ़ती लोकप्रियता’ से डरा हुआ है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा आप के 20 विधायकों को अयोग्य करार देने की निर्वाचन आयोग की सिफारिश को मंजूरी दिए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ‘एक बार फिर’ केंद्र दिल्ली के विकास में बाधा डाल रहा है। सिसोदिया ने कहा कि इन विधायकों के खिलाफ लाभ का पद धारण करने के आधार पर लगाए गए आरोप ‘झूठे’ हैं और उन्हें कोई सरकारी वाहन, बंगला या वेतन नहीं दिया गया। उन्होंने लिखा कि वे बिना किसी तरह का लाभ लिए शहर के विकास में योगदान देने के जुनून के साथ काम कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने इन 20 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव थोप कर दिल्ली के विकास पर पूर्ण विराम लगा दिया है। इन चुनावों को कराने के लिए जनता का धन ‘अनावश्यक’ बर्बाद किया जाएगा।

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दिल्ली भाजपा के प्रमुख मनोज तिवारी ने खुले पत्र को लेकर केजरीवाल पर हमला किया और आप को सभी 70 सीटों पर चुनाव लडऩे की चुनौती दी। सिसोदिया के खुले पत्र को एक ट्वीट में संलग्न करते हुए तिवारी ने कहा कि लोगों का जवाब है कि पत्र नहीं लिखें और 20 सीटों पर चुनाव लडऩे की बजाय सभी 70 सीटों पर लड़ें। मनोज तिवारी ने केजरीवाल को अपनी छवि बचाने और खुद को जनता की अदालत में पेश करने की सलाह दी।

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