सांपों के मोगली कहे जाने वाले हुक्कुल की कोबरा के डसने से मौत 

सांपों के मोगली कहे जाने वाले हुक्कुल की कोबरा के डसने से मौत 

पड़ोसी गांव से पकड़े गए कोबरा को गले में डालकर साईकल से आते समय हुआ हादसा


पड़ोसी गांव से पकड़े गए कोबरा को गले में डालकर साईकल से आते समय हुआ हादसा

लखनऊ, बस्ती।  दुबलिया के मोगली कहे जाने वाले प्रसिद्घ सपेरे हुक्कुल की सोमवार को सांप के काटने से मौत हो गई। वह पड़ोसी गांव से पकड़े गए कोबरा को गले में लपेट कर घर आ रहे थे, तभी साईकिल से आरे रे हुक्कुल को कोबरा ने दाहिने कान में डस लिया। हुक्कुल जैसे-तैसे स्वनिर्मित जड़ी-बूटी का प्रयोग  करने घर पहुंचे और इसका सेवन करते समय जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद हुक्कुल दोबारा नहीं उठ सके।

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लारा पिपरौला निवासी सपेरे 56 वर्षीय हुक्कुल के मोबाइल पर सुबह पड़ोसी गांव से किसी ने फोन कर सांप पकडऩे के लिए बुलाया था। दोपहर बाद वह पकड़े गए कोबरा सांप को गले में लपेट कर साइकिल से लौट रहे थे कि कोबरा ने दाहिने कान पर डस लिया। हालत गंभीर होते देख वह साइकिल से ही घर पहुंच,े लेकिन दरवाजे पर पहुंचते ही साइकिल समेत अचेत होकर गिर पड़े। परिजन इलाज निजी वाहन से सीएचसी कप्तानगंज ले गए जहां चिकित्सक ने बताया कि करीब 20 मिनट पहले ही उनकी मौत हो चुकी है। हुक्कुल की मौत की सूचना पर क्षेत्र हडक़ंप मच गया और फिर सैकड़ों लोगों ने घर पहुंच कर उन्हें अंतिम विदाई दी। पीडि़त के बेटे महबूब ने बताया कि पिता को बचपन से ही सांप पकडऩे का शौक था।

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तीन दशक पूर्व टांडा अ बेडकर नगर से आकर परिवार समेत दुबौलिया में आकर बस गए। कहीं सांप निकलने की सूचना पर उसे पकडऩे के लिए दौड़ पड़ते थे। उनकी मौत के बाद के बाद अब घर का कोई भी सदस्य इस पेशे को अपनाना नहीं चाहता है। वर्ष 2011 में हक्कुल ने रहने के लिए पट्टïा न मिलने से नाराज होकरअपने दोस्त रामचेत के साथ तीन दर्जन से बोरे में भरे सांपों को हर्रैया तहसील परिसर में छोड़ दिया था। इसके बाद उसे जमीन का पट्टा दे दिया गया था। हक्कुल का यह कारनामा बस्ती में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना था।

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