अंग्रेज देश से चले गए लेकिन काले अंग्रेज अभी भी हैं: अन्ना हजारे

अंग्रेज देश से चले गए लेकिन काले अंग्रेज अभी भी हैं: अन्ना हजारे



अंग्रेज देश से चले गए लेकिन काले अंग्रेज अभी भी हैं: अन्ना हजारे
अंग्रेज देश से चले गए लेकिन काले अंग्रेज अभी भी हैं: अन्ना हजारे

लखनऊ। वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने केंद्र की मोदी सरकार पर लोकतंत्र के आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने लोकतंत्र को कमजोर किया है। यह तो सिर्फ आश्वासन की ही सरकार है। अन्ना हजारे ने कहा कि देश में 26 जनवरी 1950 से जनतंत्र आ गया, अंग्रेज देश से चले गए लेकिन काले अंग्रेज अभी भी है। उन्होंने कहा कि यहां पर नेता, मंत्री व अधिकारी जनता के सेवक है, लेकिन अब तो सभी सेवक यहां पर मालिक हो गए है।

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अपनी दो दिवसीय जनजागरण यात्रा पर सोमवार को राजधानी लखनऊ के पारा क्षेत्र के पारा सदरौना स्थित काशीराम शहरी आवास कॉलोनी आए पद्मभूषण से अलंकृत अन्ना हजारे जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। अन्ना ने कहा कि संघर्ष से लोकतंत्र मजबूत होता है। लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने लोकतंत्र को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्त का कानून 2013 में पारित हो चुका है, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी इस पर अमल नहीं किया गया है। इतने लंबे समय तक कानून को लटकाए रखने की वजह से मोदी सरकार की मंशा पर पूरे देश को शक पैदा होने लगा है। सरकार इसके प्रावधानों में संसोधन करके उसके पूरे उद्देश्य को ही समाप्त कर देना चाहती है।

अंग्रेज देश से चले गए लेकिन काले अंग्रेज अभी भी हैं: अन्ना हजारे
अंग्रेज देश से चले गए लेकिन काले अंग्रेज अभी भी हैं: अन्ना हजारे

अन्ना ने कहा कि चुनावी प्रणाली में सुधार के बिना न तो राजनीतिक भ्रष्टाचार पे लगाम लग सकेगी और न ही जनहित में कार्य होगा क्योंकि संविधान में पक्ष और पार्टी न होनें के बावजूद चुनावी खामी के कारण ही जनता की सरकार बनने के बजाये दल की सरकार बनती है इसीलिए सरकारें जनहित के बजाये दलहित में काम करती हैं।

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अन्ना ने कहा कि लोकतंत्र को मुक्त कराना है तो ईवीएम-मतपत्र पर प्रत्याशी की फोटो को ही चुनाव चिन्ह बनाया जाये, जिससे न सिर्फ चुनाव चिन्हों की नीलामी बंद होगी, बल्कि प्रत्याशी चुनाव जीतनें के बाद भी जनता के बीच रहनें को बाध्य होगा क्योंकि आगे भी वोट उसे अपनें चेहरे को पहचान करानें से ही मिलेगा, इससे राजनीतिक भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगा। उन्होंने कहा कि नोटा को राईट टू रिजेक्ट की पावर देने और वोटों की गिनती टोटलाईजर मशीन से हो, जिससे लोकतंत्र को प्रभावी बनाया जा सके।

अन्ना हजारे ने कहा कि हमारे देश में सरकार गिरने से डरती है। आंदोलन से नहीं डरती। आप सभी लोगों में अंदर गिराने की शक्ति है। अन्ना ने कहा कि लोकपाल, किसान समस्या और चुनाव सुधार के लिए दिल्ली में 23 मार्च से सत्याग्रह करेंगे। इस बार तो हमारा आंदोलन आश्वासन से खत्म नहीं होगा। इससे पहले अन्ना सुबह हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां सैकड़ों समर्थकों ने उनका स्वागत किया। फिर हवाई अड्डे से सदरौना लेकर कार्यकर्ताओं ने दुपहिया वाहन पर तिरंगा यात्रा निकाली।

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