ऐशबाग-सीतापुर रेलमार्ग पर चलेंगी डीएमयू ट्रेनें, मार्च तक पूरा होगा ब्राडगेज का कार्य

ऐशबाग-सीतापुर रेलमार्ग पर चलेंगी डीएमयू ट्रेनें, मार्च तक पूरा होगा ब्राडगेज का कार्य



ऐशबाग-सीतापुर रेलमार्ग पर चलेंगी डीएमयू ट्रेनें, मार्च तक पूरा होगा ब्राडगेज का कार्य
ऐशबाग-सीतापुर रेलमार्ग पर चलेंगी डीएमयू ट्रेनें, मार्च तक पूरा होगा ब्राडगेज का कार्य

लखनऊ। ऐशबाग- सीतापुर रेलमार्ग पर 31 मार्च ब्राडगेज का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद इस रेल खण्ड पर डीजल मल्टीपल यूनिट (डीएमयू) ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। ऐशबाग-सीतापुर रेलमार्ग पर चलेंगी डीएमयू ट्रेनें, मार्च तक पूरा होगा ब्राडगेज का कार्य …

पूर्वोत्तर रेलवे के प्रवक्ता आलोक श्रीवास्तव ने  बताया कि ऐशबाग-सीतापुर रेलमार्ग पर पटरियों के कंपन की जांच के लिए रेलवे ने दो बोगी की फीटिंग व टेस्टिंग ट्रेन को ट्रैक पर उतार दिया है। इस रेलखण्ड पर 31 मार्च तक ब्राडगेज कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ऐशबाग से पांच डीएमयू चलाई जाएंगी। साथ ही ऐशबाग से दिल्ली वाया सीतापुर तक ट्रेनों का संचालन भी किया जा सकता है।

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उन्होंने बताया कि ऐशबाग से सीतापुर तक 86 किलोमीटर रेलमार्ग के मीटर गेज को ब्राडगेज में बदला जा रहा है। पटरी बिछाने का काम पूरा हो गया है। दूसरे चरण में सीतापुर से मैलानी तक ब्राडगेज कर्न्वजन किया जाएगा। इसके लिए रेल बोर्ड ने बजट पास कर दिया है। प्रवक्ता ने बताया कि अभी इस ट्रैक पर विद्युतीकरण कार्य पूरा नहीं हुआ है। इसलिए दैनिक यात्रियों की सुविधा के लिए डीएमयू ट्रेनों के साथ डीजल इंजन से चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें भी चलाई जाएगी। इससे लखनऊ- सीतापुर के बीच सफर करने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

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दरअसल पूर्वोत्तर रेलवे ने मई 2016 में ब्राडगेज कर्न्वजन का काम शुरू किया था। काम की जिम्मेदारी रेल विकास निगम को सौंपी गई थी। ब्राडगेज का काम छह महीने पहले ही पूरा हो जाना चाहिए था। ब्राडगेज के साथ- साथ ऐशबाग से सीतापुर तक पडऩे वाले स्टेशनों का विस्तार भी किया जाना था। इसमें सिटी स्टेशन, डालीगंज, ऐशबाग समेत अधिकतर स्टेशन लगभग पूरा हो चुके हैं। ब्राडगेज कर्न्वजन कार्य में पटरियां बिछाने के बाद उनकी फीटिंग व टेस्टिंग की जानी है। रेलवे ने दो बोगियों की टेस्टिंग मशीन से पटरी कितना कंपन सह सकती हैं। इसकी जांच करना शुरू कर दिया है। इसके बाद रेल संरक्षा आयुक्त पटरियों की जांच करेंगे, जिसके बाद ट्रैक पर रेल संचालन अनुमति दी जाएगी।

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