यूपी: बजट सत्र में कासगंज की घटना और मुठभेड़ के मुद्दों पर विपक्ष घेरेगा सरकार को

यूपी: बजट सत्र में कासगंज की घटना और मुठभेड़ के मुद्दों पर विपक्ष घेरेगा सरकार को



लखनऊ। प्रदेश विधानमंडल का आगामी आठ फरवरी से शुरु हो रहा बजट सत्र कासगंज, कानून व्यवस्था और अन्य मुद्दो को लेकर काफी हंगामेदार रहने की सम्भावना है। विपक्ष सरकार को घेरने के लिये कोई कोरकसर छोडऩे को तैयार नहीं है, जबकि सरकार विपक्ष के एक-एक सवालों का जवाब देने की तैयारी में जुट गयी है। सत्र के पहले दिन दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को राज्यपाल राम नाईक सम्बोधित करेंगे। राज्यपाल के अभिभाषण में भी विपक्ष का हंगामा हो सकता है। पिछले अभिभाषणों के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था। इसे देखते हुए यह माना जा रहा है कि इस बार भी अभिभाषण के दौरान शायद ही शांति रहे। यूपी: बजट सत्र में कासगंज की घटना और मुठभेड़ के मुद्दों पर विपक्ष घेरेगा सरकार को…

हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित का रुख हंगामे को लेकर सख्त रवैया अपनाने का दिख रहा है। श्री दीक्षित ने विपक्ष से अभिभाषण को शालीनता से सुनने की अपील की है। परम्परा के अनुसार अभिभाषण में राज्यपाल सरकार को अपनी बताते हुए उसकी उपलब्धियों का जिक्र करते हैं।

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श्री दीक्षित ने कहा कि सदन में हंगामा होने से जनता का नुकसान होता है। विपक्ष अपनी बात उठा नहीं पाता, सरकार तो अपना काम कर ही ले जाती है। उनका कहना था कि सदन की कार्यवाही में अनावश्यक व्यवधान पैदा करने वाले सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने दो दिन पहले दूरदर्शन के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक का ब्यौरा तो नहीं मिला, लेकिन माना जा रहा है कि दूरदर्शन को हंगामे के ²श्य दिखाने से परहेज करने के लिये कहा गया होगा।
श्री दीक्षित ने बताया कि सात फरवरी को कार्यमंत्रणा समिति और सर्वदलीय बैठक होगी।

कार्यमंत्रणा समिति सदन की कार्यवाही का एजेंडा तय करेगी। उसी दिन तय हो जायेगा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट किस दिन सदन में पेश होगा। उन्होंने कहा कि इस बार सदन की कार्यवाही अधिक चले, कार्यवाही में बाधा न आये इसके लिये विपक्ष का सहयोग लिया जायेगा। उधर, विधानसभा में नेता विपक्ष रामगोङ्क्षवद चौधरी का कहना है कि कासगंज की घटना सदन में जोरदार ढंग से उठायी जायेगी। राज्य में हो रही ताबड़तोड़ मुठभेड़ भी सदन में उठेगा। उनका कहना था कि सुनने में आया है कि कल रात नोएडा में फर्जी मुठभेड़ में एक युवक को मार दिया गया।

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जांच की जायेगी तो ऐसे कई मामले निकल सकते हैं। अपराधियों को दंडित किया जाना चाहिये, लेकिन मुठभेड़ के नाम पर अनावश्यक किसी को परेशान नहीं किया जाना चाहिये। श्री चौधरी ने कहा कि बलात्कार की घटनायें तेजी से बढ़ी हैं। सरकार हर मोर्चे पर फेल है। सरकार के लोग केवल भाषण दे रहे हैं। अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं। जनता परेशान है। यह सब मामले ऐसे हैं जिनका सदन में उठाया जाना जनहित में आवश्यक है।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा और कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार उर्फ लल्लू ने भी जनहित के मुद्दों को सदन में उठाने के लिये कहा है। श्री वर्मा ने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर फेल है। जनता की सुनवाई नहीं हो रही है।

दूसरी ओर, सरकार के प्रवक्ता और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ विपक्ष के आरोपों को सिरे से नकारते हैं। मंत्री सिद्धार्थ नाथ ने कहा कि योगी सरकार भ्रष्टाचार और अपराधियों पर लगातार अंकुश लगा रही है। सरकार इसमें कोई समझौता नहीं करेगी। विपक्ष के सवालों का संसदीय परम्पराओं और नियमों के मुताबिक जवाब दिया जायेगा। सदन की कार्यवाही 20 मार्च तक चलेगी। 21 और 22 फरवरी को होने वाले इन्वेस्टर्स समिट तथा होली के मद्देनजर कार्यवाही करीब एक हफ्ते नहीं चलेगी।

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