यूपी बोर्ड की परीक्षाएं छह फरवरी से

यूपी बोर्ड की परीक्षाएं छह फरवरी से



यूपी बोर्ड की परीक्षाएं छह फरवरी से
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं छह फरवरी से

लखनऊ। प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की वर्ष 2018 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू होंगी। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने यूपी बोर्ड की परीक्षाएं नकल विहीन कराने के निर्देश दिए हैं। पहली बार सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। संवेदनशील तथा अति संवेदनशील केंद्रों की निगरानी के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की मदद ली जा रही है। जिन केंद्रों पर छात्राएं अपने ही स्कूल में परीक्षा देंगी, वहां पर दूसरे कॉलेज का केंद्र व्यवस्थापक होगा। परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरे बंद होने या न चलने पर केंद्र व्यवस्थापक पर कार्रवाई की जाएगी। अति संवेदनशील केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरे समय रहेगा, सचल दल के साथ पुलिस बल मौजूद होगा।

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आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू होंगी। हाईस्कूल की परीक्षाएं 14 दिन चलेंगी और 22 फरवरी को समाप्त हो जाएगी, जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा 10 मार्च को पूरी होगी। 10वीं एवं 12वीं में कुल 67 लाख 29 हजार 540 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इस साल हाईस्कूल और इंटर की मार्कशीट ऑनलाइन मिलेगी। परीक्षा के दौरान नकल होने पर जिलाधिकारी, डीआइओएस एवं जेडी सामूहिक रूप से जिम्मेदार होंगे। नकल रोकने के लिए नियम कानूनों को आखिरी बार 1998 में संशोधित किया गया था। तब से अब तक हर सरकार नकल रोकने के दावे करती रही है। इस बार परीक्षा का तकनीकी पक्ष अधिक मजबूत है। इस बार केंद्रों का निर्धारण भी ऑनलाइन किया गया।  केंद्रों की संख्या भी पिछली बार के मुकाबले काफी कम है। इसलिए उनकी निगरानी आसान होगी। केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षकों का इंतजाम जिला स्तर पर पूरा कर लिया गया है। बोर्ड प्रशासन ने मंडल स्तर के पर्यवेक्षकों की सूची जारी करने के बाद उत्तरपुस्तिकाएं एवं प्रश्नपत्र भी सभी जिलों में पहुंचा दिया है। हाईस्कूल तथा इंटर की परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू होंगी।

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यूपी बोर्ड ने पहली बार हाईस्कूल तथा इंटर के सभी जिलों के परीक्षा केंद्र बोर्ड मुख्यालय पर कंप्यूटर के जरिए बनाए हैं। इसमें सभी दावेदार कालेजों के संसाधन फीड किए गए है और जिला समिति की रिपोर्ट के आधार पर उनका निर्धारण हुआ। ऐसे में करीब ढाई हजार अधिक केंद्र घटे हैं। पिछले वर्ष की परीक्षा में 11414 केंद्र बने थे, जबकि इस वर्ष महज 8549 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले ही आवेदन पत्रों की सघन जांच कराई इसमें 83753 परीक्षार्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। इसमें हाईस्कूल में 49384 तथा इंटर में 34369 परीक्षार्थी शामिल हैं। इन सभी के अभिलेख दुरुस्त नहीं थे। साथ ही बाहर हुए सभी व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। इस बार परीक्षकों को परिचय पत्र तथा आधार कार्ड लेकर जाना अनिवार्य किया गया। जो परीक्षक कालेजों में नहीं पहुंचे उन पर कार्रवाई भी करने की तैयारी है। हाईस्कूल के परीक्षार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा के अंक ऑनलाइन मंगाए गए हैं। इसके अलावा प्रवेश पत्र भी ऑफलाइन तथा ऑनलाइन दोनों तरह से दिया गया है। उस पर परीक्षार्थी की समय सारिणी भी दर्ज है।

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