प्रवासी पक्षियों के शिकार के लिए रखे गए जहर से मवेशियों की मौत, दर्जनों बीमार

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प्रवासी पक्षियों के शिकार के लिए रखे गए जहर से मवेशियों की मौत, दर्जनों बीमार
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गोला गोकर्णनाथ, खीरी। सेमरई झील में विदेशी पक्षियों को मारने के लिए रखे गए जहर को चरने गए पालतु पशुओं ने खा लिया। जिससे एक गाय और एक बकरी ने मौके पर ही मौत हो गई जबकि दर्जनों पशु अचेत होकर वही गिर गए। पशु पालकों सहित गांव में हडकंप मच गया। ग्रामीणों ने पशु चिकित्सक को फोन कर सूचना दी। इसके बाबजूद भी कई घंटो तक चिकित्सक के न पहुंचने पर पशुपालकों ने निजी चिकित्सक से उपचार कराया। वहीं यूपी 100 पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर वापस लौट गई।

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महेशपुर वनरेंज के 77.50 हेक्टेयर के भूभाग सेमरई वैटलैंड में बुधवार को गांव सेमरई के पशु झील में चरने के लिए गए थे। तभी वहां पहले से विदेशी पक्षियों के शिकार करने के लिए रखे जहरयुक्त धान को पशुओं ने खा लिया। जिससे दर्जनों पशु गिरकर तड़पने लगे तथा एक गाय व एक बकरी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि करीब एक दर्जन पशु अचेत होकर गिरने शुरू हो गए। मौके पर पहुंचे पशुपालको ने पशु प्रसार अधिकारी रुपचन्द्र वर्मा  को दी लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचे। जहर खाने से सेमरई निवासी सुरेंद्र भार्गव की एक गाय, भिम्मा भार्गव की एक बकरी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि भिम्मा की एक गाय, मनमोहन की दो भैस, गजोधर की एक बकरी, सुरेश भार्गव की एक गाय जहर खाने से बीमार हो गई। जिनका उपचार पशु पालकों ने निजी चिकित्सक से कराया।

प्रवासी पक्षियों की संख्या में आई गिरावट

गोला लखीमपुर मार्ग पर ग्राम सेमरई व रजौरा के बीच मे स्थिति सेमरई वैटलैंड में ठंडक में चार महीने तक साइबेरियन पक्षी यहां आकर कलरव करते है। साथ ही पक्षियों की चहचहाट से वैटलैंड का वातारवण पक्षियों की चहचहाहट से गुंजायमान होता है। यहां पक्षी प्रेमी प्रतिदिन वैटलैंड पहुंचकर दीदार करते है। लेकिन इस बार वैटलैंड में पानी न होने व शिकार किए जाने के कारण कम प्रवासी पक्षियों के आने की संख्या में काफी गिरावट आई है।


मामले की कोई जानकारी नहीं है, मौके पर वनकर्मियों को भेजकर जांच कराई जाएगी और दोषियों के विरुद्व कार्रवाई होगी। वेटलेड की सुरक्षा के लिए प्रयास किए जा रहे है।

एसएन यादव, क्षेत्रीय वन अधिकारी, महेशपुर रेंज

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