मुख्यमंत्री योगी ने नोएडा के बाद वाराणसी में तोड़ा एक और मिथक

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मुख्यमंत्री योगी ने नोएडा के बाद वाराणसी में तोड़ा एक और मिथक
मुख्यमंत्री योगी ने नोएडा के बाद वाराणसी में तोड़ा एक और मिथक

वाराणसी/लखनऊ। प्रदेश का जो भी मुख्यमंत्री नोएडा जाता है, उसकी कुर्सी चली जाती है- इस मिथक को योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्ष नोएडा जाकर तोड़ा था। मुख्यमंत्री योगी ने नोएडा के बाद वाराणसी में तोड़ा एक और मिथक। दरसअल काशी में उन्होंने चंद्रग्रहण के दौरान भोजन किया। ऐसी मान्यता है कि चंद्र या सूर्य ग्रहण के सूतक काल में भोजन आदि नहीं करना चाहिए।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में संत रविदास जयंती पर  चंद्रग्रहण के बीच मंदिर में मत्था टेंकने के बाद देश के कोने-कोने से आए दलितों के साथ संगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। ऐसा करके उन्होंने संत रैदास के संदेश को विस्तार देने की कोशिश की कि यदि हमारा मन चंगा है तो कठौती में भी गंगा है। संत रैदास की ही भांति योगी आदित्यनाथ ने भी रूढि़ बन गई मान्यता को तोडऩे में संकोच नहीं किया। प्रदेश सरकार के मंत्री सहित विधायकों और पार्टी के पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री का साथ दिया। बता दें कि इसी रविदास मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया था।

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इससे पहले मुख्यमंत्री योगी ने नोएडा में उस मिथक को तोड़ा था, जिसमें कहा जाता रहा है कि यहां जो भी मुख्यमंत्री आता है उसकी कुर्सी चली जाती है। योगी आदित्यनाथ ने नोएडा पहुंचकर न सिर्फ मिथक तोड़ा बल्कि यह भी कहा था कि वह नोएडा आते रहेंगे। बता दें कि यह मिथक तब बना था जब 1982 में यूपी के मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह नोएडा में वीवी गिरी श्रम संस्थान का उद्घाटन करने गए थे। इसके बाद वह मुख्यमंत्री पद से हट गए। वर्ष 1988 में मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह फिल्म सिटी स्थित एक स्टूडियो में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने गए। कुछ माह बाद ही वह भी मुख्यमंत्री पद से हट गए।

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इसके बाद एनडी तिवारी जब मुख्यमंत्री बने तो नोएडा के सेक्टर 12 स्थित नेहरू पार्क का उद्घाटन करने वर्ष 1989 में पहुंचे। कुुछ समय बाद ही उनकी भी कुर्सी चली गई। 1994 में मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव नोएडा गए और उनकी भी कुर्सी चली गई। इस मिथक के चलते राजनाथ सिंह और अखिलेश यादव नोएडा गए ही नहीं। मायावती जरूर नोएडा गईं, लेकिन उनकी भी कुर्सी चली गई। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी ने पिछले साल 25 दिसंबर को नोएडा जाकर इस मिथक को तोड़ा।

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