मोदी सरकार का आम बजट आज, अरुण जेटली से देश को हैं ये उम्मीदें

मोदी सरकार का आम बजट आज, अरुण जेटली से देश को हैं ये उम्मीदें



मोदी सरकार का आम बजट आज, अरुण जेटली से देश को हैं ये उम्मीदें
मोदी सरकार का आम बजट आज, अरुण जेटली से देश को हैं ये उम्मीदें

नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार का आम बजट गुरुवार सुबह 11 बजे पेश होगा। 25वें वित्त मंत्री अरुण जेटली इसे संसद में पेश करेंगे। यह 2019 के आम चुनाव से पहले मोदी सरकार का आखिरी फुल बजट होगा, क्योंकि अगले साल अंतरित बजट आएगा। इस बजट से कई मुद्दों पर देश को उम्मीद हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चैनल को दिए साक्षात्कार में संकेत दिया था कि इस बार का बजट सामान्य से सामान्य आदमी की आशाओं को पूरा करने वाला होगा।

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मोदी सरकार का आम बजट आज, अरुण जेटली से देश को हैं ये उम्मीदें

वित्तमंत्री अरुण जेटली अपना पांचवां बजट गुरुवार यानि एक फरवरी को सुबह 11 बजे लोकसभा में पेश करेंगे। इस आम आम बजट से देश की जनता को काफी उम्मीदें हैं। यह आम बजट इसलिए खास है क्योंकि जीएसटी लागू होने के बाद यह पहला बजट है। जीएसटी के चलते व्यापारियों को काफी नुकसान भी झेलना पड़ा और सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर भी रही। इसके अलावा इस साल आठ राज्य राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, नगालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय में चुनाव हैं। सरकार इन राज्यों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का ऐलान कर सकती है।

  • माना जा रहा है कि आयकर पर मिलने वाली छूट की सीमा मौजूदा 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपए तक की जा सकती है।
  • पिछले साल सरकार ने इनकम टैक्स की धारा 80 सी के तहत डिडक्शन लिमिट एक लाख रुपए से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए कर दी थी। उम्मीद है कि इस बजट में इसे दो लाख किया जा सकता है। इसके तहत पीपीएफ, एलआईसी पॉलिसी और सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाओं में इन्वेस्ट कर छूट हासिल की जाती है।
  • आम बजट में जेटली पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी कम कर सकते हैं। इससे पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की संभावना रहेगी। बता दें कि पेट्रोल पर 19 रुपए और डीजल पर 15 रुपए एक्साइज ड्यूटी है।
  • बजट विश्लेषकों का कहना है कि कृषि क्षेत्र में सरकार अपने बजट में उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए सुधार के कदमों का ऐलान कर सकती है। वैसे आपकों बता दें कि मोदी सरकार ने 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने का वादा किया है।
  • देश में रेलवे में आए दिन हो रही दुर्घटनाओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार सीसीटीवी कैमरे और सिग्नल सिस्टम को मजबूत करने के लिए योजनाओं को हरी झंडी दे सकती है। 11 हजार ट्रेनों और 8500 स्टेशनों में कैमरे लगाने के लिए रेलवे को 3 हजार करोड़ देने का ऐलान हो सकता है।
  • बजट में रेल किराए पर भी सभी की नजर रहेगी। बता  दें कि मोदी सरकार आने के बाद से अब तक चार बजट आ चुके हैं, लेकिन एक भी बार रेल किराए में बढ़ोत्तरी नहीं की गई।
  • मोदी सरकार डिजिटल इंडिया को बढ़ावा दे रही है, लेकिन लगातार देश में साइबर सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में मोदी सरकार बजट में कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने पर भी जोर दे सकती है। इसके अलावा साइबर सुरक्षा पर भी जोर देने की बात कही जा रही है।
  • रक्षा बजट को लेकर कैग की रिपोर्ट में सरकार पर सवाल उठ चुके हैं। इसके अलावा पाकिस्तान-चीन से लगातार मिल रहीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सरकार रक्षा बजट में बढ़ोतरी कर सकती है। पिछले साल सरकार ने इसमें 6.2 फीसदी की बढ़ोतरी की थी।
  • इस बार बजट में भी महिलाओं, युवाओं से जुड़े खास ऐलान हो सकते हैं।
  • नोटबंदी और जीएसटी के बाद अर्थव्यवस्था में गिरावट देखी गई। सरकार 2018-19 के वित्तीय घाटे के लक्ष्य को बढ़ा सकती है, क्योंकि आम चुनाव से पहले जनता की स्कीम्स पर खर्च बढ़ सकता है।
  • युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर है। इसे लेकर सरकार युवाओं के लिए कोई घोषणा कर सकती है।

बता दें कि स्वतंत्रता के बाद से देश में अब तक 87 आम और अंतरिम बजट पेश हो चुके हैं। पहला आम बजट पहले वित्त मंत्री आरके षण्मुखम् चेट्टी ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया था। यह मात्र 171.85 करोड़ रुपए का था। सबसे ज्यादा 10 बार आम बजट पेश करने का रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के नाम है। पी. चिदंबरम ने नौ, प्रणव मुखर्जी ने आठ, यशवंत सिन्हा, यशवंत राव चाह्वाण और सीडी देशमुख ने सात-सात और टीटी कृष्णामाचारी और मनमोहन सिंह ने छह-छह आम बजट पेश किए।

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