कासगंज हिंसा पर केंद्र सरकार ने मांगी रिपोर्ट

कासगंज हिंसा पर केंद्र सरकार ने मांगी रिपोर्ट



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लखनऊ। तिरंगा यात्रा के दौरान कासगंज में हुई हिंसा पर केंद्र सरकार ने नाराजगी जाहिर करते हुए प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी है। केंद्र सरकार ने इस तरह की घटनाओं पर नाराजगी भी व्यक्त की है। वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से साफ कर दिया है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार व अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में भ्रष्टाचार व किसी भी प्रकार की अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है।

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गौरतलब है कि 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के दौरान दो पक्षों में हुई मारपीट और फायरिंग में चंदन गुप्ता की मौत के बाद मचा बवाल अब तक पूरी तरह थमा नहीं है। हालांकि इस मामले में प्रदेश सरकार की ओर से कई प्रयास किए गए। लेकिन इन प्रयासों से राज्यपाल राम नाईक भी असंतुष्ट दिखे और उन्होंने कासगंज हिंसा को प्रदेश के लिए कंलक बताया। अब कासगंज मामले को केंद्र सरकार ने नाराजगी जाहिर करते हुए प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी है। गृह मंत्रालय ने यूपी सरकार से पूछा है कि आखिर वो क्या वजह थी जिसके चलते इस कदर हिंसा फैली और इसे रोकने में प्रशासन क्यों नाकाम रहा? गृह मंत्रालय ने आगे पूछा है कि समय रहते कासगंज हिंसा को क्यों काबू नहीं किया गया? हालांकि प्रदेश सरकार पहले ही इस घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर चुकी है। साथ ही इस मामले की मजिस्टीरियल जांच भी हो रही है।

अराजकता फैलाने वालों से सख्ती से निपटेगी सरकार: योगी

वहीं, कांसगज मामले में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश के अन्दर बिना भेदभाव के विकास की योजना का लाभ हर व्यक्ति तक पहुँचाना और प्रदेश के हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करना, इसके लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यूपी में भ्रष्टाचार व किसी भी प्रकार की अराजकता के लिए कोई जगह नहीं होगी, भ्रष्टाचारी और अराजकता फैलाने वाले तत्वों के साथ हमारी सरकार बहुत सख्ती से निपटने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि जो भी इस कृत्य में शामिल है उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई जाएगी। बता दें कासगंज हिंसा मामले में पुलिस सात मुकदमे दर्ज कर अब तक 114 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

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