बजट सत्र: राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को तीन तलाक विधेयक पारित होने की उम्मीद

बजट सत्र: राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को तीन तलाक विधेयक पारित होने की उम्मीद



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नई दिल्ली।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि तीन तलाक विधेयक संसद के बजट सत्र में पारित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए तीन तलाक विधेयक लाई है और मुझे उम्मीद है कि संसद इस विधेयक को पारित करेगी। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सभी राजनीतिक दलों से संसद के बजट सत्र में तीन तलाक विधेयक पारित करने का आग्रह किया।

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार को बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे। रामनाथ कोविंद ने कहा कि सरकार ने अपने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना का देश के 161 जिलों से 640 जिलों में विस्तार कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मातृत्व विधेयक में सुधार किया है, जिसके तहत कामकाजी महिलाओं को 12 हफ्ते के बजाय बिना वेतन कटे 26 हफ्तों तक की छुट्टी मिलेगी। अब महिलाएं अपने नवजात शिशुओं के साथ ज्यादा समय बिता पाएंगी। कोविंद ने बाबासाहेब अंबेडकर के योगदानों का भी जिक्र भी किया और कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर कहा करते थे कि आर्थिक और सामाजिक लोकतंत्र के बिना राजनीतिक लोकतंत्र अस्थिर है।

जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवाद का संबंध सीमा पार घुसपैठ से

उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के आंतरिक हिस्सों में हो रही आतंकवादी गतिविधियों का सीधा संबंध सीमा पार से हो रही घुसपैठ से है। राष्ट्रपति ने हालांकि, पाकिस्तान का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और जम्मू एवं कश्मीर पुलिस के बीच बेहतर समन्वय है और वे हिंसा का करारा जवाब दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग समाज की मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं, सरकार के दरवाजे उनके लिए खुले हैं।  राष्ट्रपति ने कहा कि देश में आंतरिक सुरक्षा की स्थिति में सुधार हुआ है।  कोविंद ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा हालात में सुधार हुआ है और वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) में कमी आई है।

सरकार की अल्पसंख्यक तुष्टिकरण नहीं सशक्तीकरण की नीति

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यक समुदायों के तुष्टिकरण की नहीं बल्कि सशक्तीकरण की नीति का अनुसरण कर रही है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की नीति अल्पसंख्यक समुदायों के तुष्टिकरण की नहीं बल्कि सशक्तीकरण की है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं जैसे ‘सीखो और कमाओ’, ‘उस्ताद’, ‘गरीब नवाज कौशल विकास’ और इस तरह की अन्य योजनाओं से मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, पारसी और जैन जैसे अल्पसंख्यक समुदायों के लिए रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार है कि 45 वर्ष से अधिक उम्र की मुस्लिम महिलाओं को बिना पुरुष सहयोगी के हज करने की इजाजत दी गई है और इस वर्ष इसी योजना का लाभ उठाकर 1,300 महिलाएं बिना पुरुष सहयोगी के हज करने गई हैं।

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लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ कराने पर सहमति बने

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से विकास की रफ्तार में बाधा आती है, क्योंकि अधिकारियों को चुनावों में हाथ बटांना पड़ता है। कोविंद ने कहा कि एक-साथ चुनाव कराने को लेकर राजनीतिक दलों के बीच ज्यादा संवाद होना चाहिए और इस बाबत एक समझौते के प्रयास किए जाने चाहिए। कोविंद ने कहा कि देश में बार-बार होने वाले चुनावों के प्रतिकूल प्रभावों को देखते हुए सरकार के प्रति संवेदनशील लोग चिंताग्रस्त हैं। देश में बार बार चुनाव होने से न केवल मानव संसाधनों पर अतिरिक्त भार पड़ता है बल्कि आचार सहिता लागू होने के कारण देश की विकास प्रक्रिया में बाधा आती है। उन्होंने कहा कि इसलिए एक साथ चुनाव को लेकर ज्यादा से ज्यादा बातचीत होनी चाहिए और राजनीतिक दलों के बीच एक समझौते के प्रयास किए जाने चाहिए। राष्ट्रपति का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक साक्षात्कार के संदर्भ में है, जिसमें मोदी ने देश में एक साथ चुनाव कराए जाने की बात कही थी। मोदी ने कहा था कि इससे देश के संसाधनों को बचाया जा सकता है।

सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि केंद्र सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि देश भर में किसानों का बाजार ऑनलाइन जुड़ रहा है और अब तक 36,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के कृषि उत्पाद ‘ईनैम’ (डिजिटल राष्ट्रीय कृषि बाजार) के जरिए बिक चुके हैं।  उन्होंने कहा कि यह किसानों की कड़ी मेहनत का परिणाम है कि इस बार अनाज का 27.5 करोड़ टन से ज्यादा और फलों व सब्जियों का 30 करोड़ टन से ज्यादा रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है।

मोदी का विपक्ष से तीन तलाक विधेयक पारित करने का आग्रह

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में मीडिया से कहा कि हम पिछले संसद सत्र में तीन तलाक विधेयक पारित नहीं कर पाए, लेकिन मैं सभी राजनीतिक दलों से बजट सत्र में इसे पारित करने का आग्रह करता हूं, क्योंकि इसका उद्देश्य मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना है। संसद का बजट सत्र शुरू होने से थोड़ी देर पहले ही प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी की।

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सरकार पांच जनवरी को समाप्त हुए शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा में मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकारों का संरक्षण) विधेयक 2017 (तीन तलाकबिल) पारित कराने में असफल रही थी। मोदी ने साथ ही कहा कि बजट सत्र महत्वपूर्ण है और पूरी दुनिया भारत को लेकर आशावान है। उन्होंने कहा कि यहां तक कि विश्व बैंक जैसी कई क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों ने भी भारत के बारे में सकारात्मक राय दी है। बजट भारत के विकास के लिए नई गति देगा और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करेगा।

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