कासगंज: फिर भडक़ी हिंसा, दुकानों और बसों में लगाई आग, 49 गिरफ्तार

कासगंज: फिर भडक़ी हिंसा, दुकानों और बसों में लगाई आग, 49 गिरफ्तार



कासंगज/लखनऊ। पश्चिमी यूपी के कासगंज में शनिवार को भी उपद्रवियों ने जमकर बवाल किया, जो कहीं न कहीं प्रशासन के उदासीनता और लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है। दरअसल शुक्रवार को तिरंगा यात्रा के दौरान दो पक्षों में हुए संघर्ष में एक युवक की मौत हो गई थी, जिसके बाद बवाल ने हिंसा का रूप ले लिया था। बवाल को लेकर पुलिस प्रशासन में हडक़म्प मच गया था। पुलिस प्रशासन की काफी जद्दोजहद के बाद उपद्रवियों पर काबू पा लिया था और क्षेत्र में कफ्र्यू लगा दिया था। मुख्यमंत्री योगी और आलाअफसरों के निर्देश के अलावा उच्चाधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद शनिवार को युवक के अंतिम संस्कार के बाद फिर हिंसा भडक़ गई। उपद्रवियों ने जमकर बवाल किया, तोडफ़ोड़ के बाद कई बसों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया। इसे देखते हुए दमकल की कई गाडिय़ां बुला ली गईं हैं। वहीं, पुलिस बल किसी तरह से उपद्रवियों पर काबू किया।  डीएम आरपी सिंह ने बताया कि पुलिस ने कासगंज थाने में शिकायत दर्ज कर अब तक 49 लोगों को गिरफ्तार किया है और जिले की सीमाएं सील कर दी गई हैं। डीएम आरपी सिंह ने बताया कि शांति बनाए रखने के लिए हिंसाग्रस्त इलाके में धारा 144 लागू है। वहीं, प्रशासन ने शाम पांच बजे से रविवार दस बजे तक के लिए सभी इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी।

कासगंज जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र में बिलराम गेट के पास से विश्व हिन्दू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा तिरंगा यात्रा निकल रही थी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हिंदुस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के साथ जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे लगाए। इसी दौरान दूसरे समुदाय के लोगों ने उनका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में भिड़ंत हो गई। इस दौरान समुदाय विशेष के लोगों ने भी मोर्चा संभाल लिया और घर की छतों से पथराव और फायरिंग शुरू कर दी। कुछ ही देर में उपद्रवियों ने तहसील रोड पर भी फायरिंग कर दी। इसके बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया। गाडिय़ों में आग लगा दी गई। इसमें गोली लगने से रेलवे रोड निवासी चंदन गुप्ता उर्फ अभिषेक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक प्रिंस गंभीर रूप से घायल हो गया।

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उपद्रवियों के पथराव में करीब छह लोगों को मामूली चोटें आईं। बवाल को लेकर पुलिस प्रशासन में हडक़म्प मच गया था। पुलिस प्रशासन की काफी जद्दोजहद के बाद उपद्रवियों पर काबू पा लिया था और क्षेत्र में कफ्र्यू लगा दिया था। वहीं, शनिवार को हिंसा में मारे गए युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। अंतिम संस्कार के बाद एक बार फिर से हिंसा भडक़ गई। उपद्रवियों ने जमकर तोडफ़ोड़ और आगजनी की। बताया जा रहा है कि उपद्रवियों ने कई दुकानों के साथ ही पांच बसों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस और उपद्रवियों में भी झड़प हुई। हालांकि पुलिस ने हालातों पर काबू पा लिया। बताया जा रहा है कि हिंसाग्रस्त इलाकों में पुलिस के साथ आरएएफ और पीएसी की टुकड़ी तैनात कर दी गई है।

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धरने पर बैठीं साध्वी प्राची

कासगंज जा रहीं साध्वी प्राची और उनके काफिले को सिकंदराराऊ पुलिस ने कासगंज रोड पर रोक दिया। इस दौरान साध्वी के समर्थकों की पुलिस से नोकझोंक हुई। साध्वी अपने समर्थकों के साथ पंत चौराहा पर धरने पर बैठ गईं। इससे अलीगढ़-एटा और मथुरा-बरेली मार्ग जाम लगा रहा। तनावपूर्ण हालात को देखते हुए बड़ी तादाद में फोर्स तैनाती की गई है। साध्वी प्राची ने कासगंज प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी की मानसिकता से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन अगर सतर्क होता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। साध्वी ने कहा कि वह कासगंज प्रशासन की शिकायत मुख्यमंत्री योगी से करेंगी। उन्होंने कहा कि अगर हिंदुस्तान में रहना है तो वंदे मातरम कहना होगा, नहीं तो पाकिस्तान जाना होगा।

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कुछ असामाजिक तत्वों ने आज शहर के बाहर एक छोटी दुकान में आग लगाने की कोशिश की। कुछ दुकानों में तोडफ़ोड़ भी की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात काबू किए। कानून व्यवस्था बनाए रखने के अलावा हमारा प्रयास है कि समुदायों में परस्पर भाईचारा कायम रहे। स्थिति नियंत्रण में है और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

आनंद कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) 


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