इजराइली पीएम नेतन्याहू ने मोदी को बताया ‘क्रांतिकारी नेता’

इजराइली पीएम नेतन्याहू ने मोदी को बताया ‘क्रांतिकारी नेता’



नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत और इजरायल कृषि, विज्ञान व प्रौद्योगिकी और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए सहमत हुए हैं। मोदी ने प्रतिनिधि स्तर की वार्ता के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपने साझा संबोधन में कहा कि हम हमारे लोगों की जिंदगी को छूने वाले क्षेत्रों में सहयोग के मौजूदा स्तंभों को मजबूत करेंगे। नेतन्याहू ने अपने साझा बयान में मोदी को ‘क्रांतिकारी नेता’ बताया, जिन्होंने पूरे देश को आगे ले जाने की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि ये स्तंभ कृषि, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा हैं। हमने कृषि सहयोग में उत्कृष्टता केंद्रों का स्तर बढ़ाने पर विचार साझा किए।

यह भी पढ़ें :-  सुप्रीम कोर्ट में कामकाज सामान्य, अटार्नी जनरल ने कहा संकट समाप्त

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने और नेतन्याहू ने ‘हमारे पहले के निर्णय के कार्यान्वयन के लिए हमारी उत्सुकता को साझा किया।’ उन्होंने कहा कि इसके परिणाम धरातल पर दिखने भी लगे हैं। हमारी आज की चर्चा हमारे संबंधों के विस्तार और साझेदारी बढऩे का सूचक है। मोदी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में उन्होंने इजरायली कंपनी को भारत में स्थानीय कंपनियों के साथ ज्यादा निर्माण करने के लिए उदार एफडीआई दौर का फायदा उठाने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि हम तेल व गैस, साइबर सुरक्षा, फिल्म और स्टार्ट-अप जैसे क्षेत्रों में पहली बार निवेश कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि हम अपने भौगोलिक क्षेत्रों के बीच लोगों और विचारों के प्रवाह को बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए सरकार से परे जाकर नीति सरलीकरण, बुनियादी ढांचे और संपर्क सूत्र और समर्थन जुटाने की जरूरत है।

यह भी पढ़ें :-  गैंगरेप से दुखी नाबालिग ने लगाई खुद को आग

नेतन्याहू ने अपने साझा बयान में मोदी को ‘क्रांतिकारी नेता’ बताया, जिन्होंने पूरे देश को आगे ले जाने की शुरुआत की है। उन्होंने पिछले वर्ष मोदी के ऐतिहासिक इजरायल दौरे के बारे में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी इजरायल की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे, जिससे सभी इजरायली और निश्चित ही भारतीय मूल के कई इजरायलियों को खुशी हुई थी। नेतन्याहू ने कहा कि हमें मुंबई में हुई आतंकवादी घटना याद है। हम ऐसी घटनाओं के आगे कभी हार नहीं मानेंगे और जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि भारत में यहूदियों को कभी भी भेद-भाव का सामना नहीं करना पड़ा। यह भारत की महान सभ्यता, सहिष्णुता और लोकतंत्र का परिचायक है। उन्होंने कहा कि तीन चीजें भारत और इजरायल को एक साथ लाती हैं। एक दोनों के पास प्राचीन सभ्यता है, दोनों के पास जोशपूर्ण भविष्य है और दोनों भविष्य के अवसर का उपयोग करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल की दोस्ती से काफी फायदा होगा।

यह भी पढ़ें :-  पूर्व फौजी ने तीन महिलाओं, चार मासूमों सहित 15 को घर में बनाया बंधक

प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद भारत और इजरायल के बीच साइबर सुरक्षा और तेल व गैस क्षेत्रों से संबंधित नौ समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इससे पहले सोमवार को, इजरायली प्रधानमंत्री का यहां राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत किया गया। नेतन्याहू के साथ 130 सदस्यों का व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भारत की छह दिवसीय यात्रा पर आया है, जो आगरा, अहमदाबाद और मुंबई की भी यात्रा करेगा। बता दें कि यह वर्ष 2003 में इजरायली प्रधानमंत्री एरियल शेरोन की यात्रा के 15 वर्ष बाद किसी इजरायली प्रधानमंत्री की भारत यात्रा है।

यह भी पढ़ें :-  कच्चे तेल के दाम बढऩे से पेट्रोल, डीजल के दाम नई ऊंचाई पर


You may also like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *