गोरखपुर में पर्यटन की अपार संभावनाएं : राम नाईक

गोरखपुर में पर्यटन की अपार संभावनाएं : राम नाईक

राज्यपाल ने गोरखपुर महोत्सव को मोबाइल से किया सम्बोधित


राज्यपाल ने गोरखपुर महोत्सव को मोबाइल से किया सम्बोधित

लखनऊ। प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने गुरुवार को अमौसी हवाई अड्डे से गोरखपुर महोत्सव को मोबाइल के माध्यम से सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष पहली बार गोरखपुर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। गोरखपुर शहर अपने आप में विशिष्ट और अद्भुत है।  बता दें कि खराब मौसम के कारण राज्यपाल गोरखपुर महोत्सव के उदघटन समारोह में सम्मिलित नहीं हो पाये थे, उन्होंने अमौसी हवाई अड्डे से मोबाईल के माध्यम से महोत्सव को सम्बोधित किया था।

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उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में गोरखपुर एक प्रमुख स्थल के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। आने वाले समय में गोरखपुर न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत में एक प्रमुख पर्यटन केन्द्र के रूप अपनी विशिष्ट पहचान बनायेगा। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में पर्यटन की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकार के महोत्सव जहां जनमानस को अपनी धरोहर सहेजने के लिए प्रेरित करते हैं वही वर्तमान प्रगति को भी देखने का अवसर प्रदान करते हैं। राज्यपाल ने कहा कि स्वाधीनता संघर्ष में गोरखपुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। गोरखपुर की धरती ने साहित्य के क्षेत्र में अमूल्य योगदान देने वाले प्रेमचन्द और फिराक गोरखपुरी जैसे साहित्यकार दिये हैं। इस नगरी को भगवान बुद्ध, कबीरदास, गुरू गोरक्षनाथ और गीता प्रेस के संस्थापक हनुमान प्रसाद पौद्वार का कर्मक्षेत्र होने का सौभाग्य प्राप्त है। पूर्वांचल का यह पूरा क्षेत्र अपने विशिष्ट रहन-सहन, साहित्य-कला, संस्कृति आदि के लिए विख्यात है। गोरखपुर में नाथ सम्प्रदाय के संस्थापक गुरू गोरक्षनाथ का मंदिर भी स्थित है जहाँ प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला खिचड़ी मेला सांस्कृतिक एकता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी गोरखपुर से आते हैं।

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नाईक ने कहा कि गोरखुपर महोत्सव में जहाँ गोरखपुर की विशिष्ट जीवनशैली को जानने का अवसर मिलेगा वहीं गोरखपुर प्रक्षेत्र के निवासियों को सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आनन्द प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देने वाले ऐसे कई कलाकार हैं जिनका मुंबई से रिश्ता है। उन्होंने सांस्कृतिक एकता की दृष्टि से गोरखपुर महोत्सव में शंकर महादेवन, भोजपुरी नाइट प्रस्तुत करने वाले रविशंकर, गायक शान, भूमि त्रिवेदी एवं जिमी मोसेस का विशेष रूप से उल्लेख किया। ऐसे कलाकारों का प्रदर्शन महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अवसर है। उन्होंने कहा कि देश में प्रचलित लोक कलायें एवं परम्पराओं से पारस्परिक प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा मिलता है। राज्यपाल ने ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ को जीवन का सिद्धांत बताते हुये गोरखपुर महोत्सव के उद्घाटन की घोषणा की।

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