लालू की पैरवी करने पर जालौन डीएम व एसडीएम के खिलाफ योगी ने दिए जांच के आदेश

लालू की पैरवी करने पर जालौन डीएम व एसडीएम के खिलाफ योगी ने दिए जांच के आदेश



लखनऊ। चारा घोटाले में दोषी के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की पैरवी के लिए जालौन के जिलाधिकारी व एसडीएम द्वारा फोन करने की मीडिया में आई खबरों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान किया है। मुख्यमंत्री योगी ने झांसी मंडल के कमिश्नर को इस मामले की जांच करने और शीघ्र रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

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मीडिया में आई खबरों को संज्ञान लेते हुए गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी ने झांसी मंडल के कमिश्नर अमित गुप्ता को मामले की जांच सौंप दी है और जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। वहीं, जालौन के डीएम और एसडीएम अपने ऊपर लगे आरोपों से इंकार किया है। उनका कहना है कि उनकी जज से कभी बात नहीं हुई है। जालौन डीएम डॉ. मन्नान अख्तर ने कहा कि मैंने किसी को फोन नहीं किया और न ही इस प्रकरण में कोई बात की। डीएम ने कहा बिहार से उनका कोई कनेक्शन भी नहीं है, वह मूल रूप से असम के रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि मैंने कभी भी फोन पर उनसे बात नहीं की। अगर ऐसा हुआ है तो उन्हें जरूर एक बयान जारी करना चाहिए। रिपोर्टों में जिस तारीख का जिक्र किया गया है, मैं उस वक्त अपने गृह नगर में छुट्टी पर था।  वहीं, जालौन के एसडीएम भैरपाल सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि न तो लालू प्रसाद के मामले में मैंने कोई फोन किया और न ही ऐसी कोई टिप्पणी ही की है। जज साहब, ऐसा क्यों कह रहे हैं, मैं नहीं जानता हूं।

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बता दें कि चारा घोटाले में लालू यादव को सजा सुनाने वाले सीबीआई स्पेशल कोर्ट के जज शिवपाल सिंह जालौन के रहने वाले हैं। इस मामले में सुनवाई के दौरान  जज ने खुलासा किया था कि लालू यादव की सजा कम कराने के लिए कई सिफारिशी फोन आए थे। लालू की सिफारिश करने वालों में जालौन के जिलाधिकारी डॉ. मन्नान अख्तर और एसडीएम भैरपाल सिंह का नाम भी आ रहा था।

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