2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में ए राजा समेत सभी आरोपी बरी

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में ए राजा समेत सभी आरोपी बरी



नई दिल्ली। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले की सुनवायी कर रही एक विशेष अदालत ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और द्रमुक नेता कनीमोई दोनों को इस मामले में बरी कर दिया। अदालत ने इस मामले में अन्य 15 आरोपियों और तीन कम्पनियों को भी बरी कर दिया है।

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी ने 2जी घोटाला मामले में आज फैसला सुनाया। इस फैसले ने पूर्ववर्ती संप्रग सरकार को बहुत परेशान किया था। राजा और अन्य आरोपियों के खिलाफ अप्रैल 2011 में दायर अपने आरोपपत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि 2जी स्पेक्ट्रम के 122 लाइसेंसों के आवंटन के दौरान 30,984 करोड़ रुपए की राजस्व हानि हुई थी। उच्चतम न्यायालय ने दो फरवरी, 2012 को इन आवंटनों को रद्द कर दिया था। सुनवायी के दौरान सभी आरोपियों ने अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार किया था।

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दरअसल कोर्ट ने तीन मामलों की सुनवाई की है, जिसमें दो सीबीआई और एक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का है। पहले सीबीआई केस में पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा के अलावा डीएमके के राज्यसभा सांसद कनिमोई, पूर्व टेलीकॉम सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, ए. राजा के तत्कालीन निजी सचिव आरके चंदौलिया, स्वान टेलीकॉम के प्रमोटर शाहिद उस्मान बलवा, विनोद गोयनका, यूनिटेक कंपनी के एमडी संजय चंद्रा, कुशेगांव फ्रूटस एंड वेजिटेबल प्राइवेट लिमिटेड के आसिफ बलवा व राजीव अग्रवाल, कलाईगनार टीवी के निदेशक शरद कुमार और सिनेयुग फिल्म्स के करीम मोरानी के अलावा रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी गु्रप के वरिष्ठ अधिकारी गौतम जोशी, सुरेंद्र पिपारा, हरि नैयर आरोपी हैं। इसके अलावा तीन कम्पनियों स्वान टेलीकॉम लिमिटेड, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और यूनिटेक वायरलेस (तमिलनाडू) को भी आरोपी बनाया गया था।

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कोर्ट ने सीबीआई की ओर से 154 गवाहों के बयान दर्ज किए, जिनमें अनिल अंबानी, उनकी पत्नी टीना अंबानी और नीरा राडिया शामिल हैं। ये करीब 4400 पेज के हैं। इन मामलों में छह महीने से लेकर उम्रकैद की सजा तक का प्रावधान है। सीबीआई के दूसरे मामले में एस्सार गु्रप के प्रमोटर रवि रुइया व अंशुमान रुइया, लूप टेलीकॉम के प्रमोटर किरण खेतान व उनके पति आईपी खेतान और एस्सार ग्रुप के निदेशक विकास श्राफ शामिल हैं।

चार्जशीट में लूप टेलीकॉम लिमिटेड, लूप इंडिया मोबाइल लिमिटेड और एस्सार टेली होल्डिंग लिमिटेड कंपनियां भी आरोपी हैं। तीसरे मामले में ईडी ने अप्रैल 2014 में ए राजा, कनिमोई, शाहिद बलवा, आसिफ बलवा, राजीव अग्रवाल, विनोद गोयनका, करीम मोरानी और शरद कुमार समेत 19 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें ईडी ने डीएमके प्रमुख करूणानिधि की पत्नी दयालु अम्मल को भी नामजद किया था। आरोप था कि स्वान टेलीकॉम से 200 करोड़ रुपए डीएमके के कलाईगनार टीवी को दिए गए। ईडी ने इस मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट के प्रावधान के तहत मामला दर्ज किया था।

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अदालत के फैसले के बाद कपिल सिब्बल ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन पर हमारा जीरो लॉस का दावा सिद्ध हो गया और ये मामला संसद में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि आज मेरी बात सिद्घ हो गई है कि कोई करप्शन और कोई घाटा नहीं था। अगर घोटाला है तो झूठ का स्कैम है। विपक्ष और विनोद राय के झूठ का है। विनोद राय को देश के सामने माफी मांगनी चाहिए। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि हमारी सरकार पर लगे बड़े घोटाले के आरोप झूठे थे और आज ये साबित हो गया है।

आरोपियों के वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि सीबीआई आरोप साबित करने में नाकाम रही है इसलिए जज ने सभी को बरी कर दिया। डीएमके नेता दुरमु मुरुगन ने कहा कि विजय अब शुरू हुई है। राजनीतिक उद्देश्यों के चलते हम पर ये मामला डाला गया था। हमारे खिलाफ षड्यंत्र रचा गया, लेकिन अब सब खत्म हो गया। अदालत के फैसले के बाद कनिमोई ने कहा कि मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद कहना चाहूंगी जो मेरे साथ खड़े रहे।

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