‘घर हो या दफ्तर, ऊर्जा बचत हो बेहतर: डॉ. अनिल

‘घर हो या दफ्तर, ऊर्जा बचत हो बेहतर: डॉ. अनिल



मंदीप कुमार वर्मा

गोला गोकर्णनाथ, खीरी। विश्व में किसी भी देश में आर्थिक विकास और सामाजिक उत्थान के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ऊर्जा के बिना किसी देश का आर्थिक विकास और उसकी उन्नति की कल्पना नहीं की जा सकती है, इसलिए दुनिया भर में ऊर्जा के परम्परागत संसाधनों को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह बात जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक डॉ. अनिल कुमार ने  कही।

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उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुत तेजी से प्रगति हो रही है, जिसमें आधुनिक तकनीकी का प्रयोग हो रहा है। इसको चलाने के लिए ऊर्जा न हो तो सभी विकास ठप हो जायेंगे। ऊर्जा का उत्पादन और उनकी उपलब्धता सभी देशों की प्रमुख समस्या है। इस समस्या से बचने के लिए व ऊर्जा की कम खपत के लिए हम ऊर्जा के नये आयामों की खोज और ऊर्जा संरक्षण द्वारा ही कर सकते हैं।

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ऊर्जा बचत के उपाय

  • पानी की टंकी भरने में टाइमर का प्रयोग करें।
  • प्रयोग के बिना घरेलू उपकरण, बल्ब, पंखे, कूलर आदि को बंद कर देना चाहिए।
  • एयर कंडीशनर को जरूरत पडऩे पर चलाएं।
  • केवल एलईडी का प्रयोग करने से हम 70 फीसदी विद्युत ऊर्जा बचत कर सकते हैं।
  • घरों और छतों में हल्के पेंट का प्रयोग करना चाहिए।
  • फाइव स्टार रेटिंग के लिए कूलर, फ्रिज, पंखा का ही प्रयोग करना चाहिए।
  • सिंचाई के लिए आईएसआई वाले पम्पों का प्रयोग करना चाहिए।
  • बड़े बल्ब के चलते विद्युत/डीजल बचाते हैं।
  • सिचाई करने के लिए सोलर ऊर्जा का प्रयोग अधिक से अधिक करें।

खाना बनाने की गैस द्वारा ऊर्जा बचत

  • गैस के बर्नर को साफ रखना चाहिए, खाना प्रेशर कुकर में बनाना चाहिए।
  • हीटर की जगह इन्डक्शन चूल्हे का प्रयोग करना चाहिए।
  • खाना पकाने से पहले अनाज भिगो लेना चाहिए।

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