जब मुख्यमंत्री योगी बोले, इन सबको बाहर करो...तो शहीद की पत्नी की आंखों से झलक पड़े आंसू

जब मुख्यमंत्री योगी बोले, इन सबको बाहर करो…तो शहीद की पत्नी की आंखों से झलक पड़े आंसू



लखीमपुर, खीरी। कभी शहीद के परिजनों के साथ न्याय की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी सत्ता पाते ही अपमान कर बैठी। वाक्या लखीमपुर खीरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा का है। शहीद दारोगा मनोज मिश्र की पत्नी और पिता न्याय की आस को लेकर मुख्यमंत्री की सभा में पहुंचे और सीबीआई जांच की मांग को लेकर तख्तियां दिखाने लगे, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नागवार गुजरा और उन्होंने यह कह दिया कि जो लोग सुनना नहीं चाहते हैं उन्हें बाहर करो। बता दें कि थाना खीरी की पोस्ट लगुचा निवासी दरोगा मनोज मिश्रा पुत्र श्याम मुरारी मिश्रा की हत्या बरेली जिले के फरीदपुर थाने में तैनाती के दौरान पशु तस्करों द्वारा की गई थी। नौ सितम्बर 2015 को हुई दारोगा की हत्या के समय प्रदेश में सपा की सरकार थी।

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लखीमपुर खीरी के बिलोबी हाल में 25 नवम्बर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनावी सभा थी। इसकी सूचना पर शहीद दारोगा मनोज मिश्रा के पिता श्याम मुरारी मिश्रा, पत्नी शशि मिश्रा, बेटा अभिनव मिश्रा तथा विश्व ङ्क्षहदू परिषद के बृजेश पांडे मुख्यमंत्री के पास न्याय की आस को लेकर सभा में पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी ने जैसे ही अपना सम्बोधन शुरू किया वैसे ही शहीद दारोगा के परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग लिखी हुईं तख्तियां दिखाईं और नारेबाजी शुरू कर दीं। यह देख मंच पर बैठे नेताओं ने उन्हें इशारों-इशारों में विरोध करने से मना किया, लेकिन नहीं माने। आरोप है कि इसके मुख्यमंत्री योगी ने स्वयं मंच से कहा कि बकवास बंद करो, जो लोग नहीं सुनना चाहते हैं उनको बाहर करो। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस ने वहां से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इससे पर नाराज परिजनों ने प्रेस वार्ता कर के आंदोलन की चेतावनी दी है।

धरना देने की चेतावनी

दारोगा की पत्नी शशी मिश्रा ने भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस पर धक्का मुक्की करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनसभा से भगाने से वह बेहद दुखी हैं। मनोज मिश्रा के पिता और पत्नी ने विहिप कार्यकर्ताओं ने ऐलान किया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें इंसाफ नहीं दिया तो 29 नवंबर को मतदान के बाद वह फिर धरना शुरू करेंगे।

भाजपा से जो आस थी वो आज टूट गई

वहीं, धक्का-मुक्की से आहत दरोगा के पिता मुख्यमंत्री की सभा में मीडिया के सामने फूटफूटकर रोए। पीडि़त पिता ने कहा कि सपा सरकार के दौरान भाजपा के नेताओं ने तो बड़े-बड़े वादे किए थे और सरकार आने के बाद उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन न तो पशु तस्करों पर अभी तक कोई कार्रवाई हुई है और न ही उनके बेटे को न्याय मिला है। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश का मुखिया ही सुरक्षा में जान देने वाले शहीदों के परिवारों की बात नहीं सुनेगा तो उनकी कौन सुनेगा। उन्होने कहा कि उन्हें भाजपा से जो आस थी वह आज टूट गई है।

बता दें कि युवा दारोगा मनोज मिश्रा की नौ सितंबर 2015 में बरेली के थाना फरीदपुर के गांव पदारथपुर में गौ तस्करों से मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई थी। दरोगा मनोज मिश्रा खीरी जिले के कस्बा लघुचा के हरदासपुर के निवासी थे।

 


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की बड़ी उम्मीद थी, लेकिन जनसभा में उनके व्यवहार ने काफी निराश किया है। फिर भी परिषद शांत नहीं बैठेगी। शहीद दरोगा के हक में आंदोलन करेगी।

 बृजेश पांडे, संगठन मंत्री, विश्व हिन्दू  परिषद


शहीद दरोगा के घरवालों को लेकर आचार्य संजय मिश्रा जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने गए थे, तो अखिलेश यादव ने उनसे खड़े होकर बात की थी, लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री ने रैली स्थल से घरवालों को भगाकर गलत किया। यह शहीद दरोगा के घरवालों का नहीं, बल्कि शहर और जिले का अपमान है। बेगम बाग की जो घटना है वह वहां के भाजपा के सदस्य पद प्रत्याशी की देन है। इस मामले की निष्पक्ष जांच होने से भाजपा प्रत्याशी ही दोषी निकलेंगे।

अनुराग पटेल, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी


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