कोर्ट का निर्णय सर्वोपरि पर दिलों को जोडऩे के लिए हमें प्रयास करना होगा: रविशंकर

कोर्ट का निर्णय सर्वोपरि पर दिलों को जोडऩे के लिए हमें प्रयास करना होगा: रविशंकर



लखनऊ। राम मंदिर मसले को सुलझाने में मध्यस्थता करने आए आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशकंर ने लखनऊ में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारिणी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली से मुलाकात की। इस्लामिक सेंटर में करीब आधा घंटे की मुलाकात के बाद श्री श्री लखनऊ से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

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मौलाना महली से मुलाकात के बाद रविशंकर ने कहा कि अयोध्या मामले में जल्दबाजी से हल नहीं निकलेगा, लेकिन हमारा प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि देश की शीर्ष अदालत का फैसला तो सर्वोपरि है, लेकिन अदालत दिलों को नहीं जोड़ सकता। दिलों को जोडऩे के लिए हमें ही प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि दिलों के जुडऩे से जो फैसला होगा वह सदियों तक याद रखा जाएगा। हम सब मिलकर भारतवासियों को प्रेम और एकता का संदेश देंगे। हम चाहते हैं राम मंदिर का यह मुद्दा हम लोग आपसे मुलाकात और बातचीत से हल कर लें।

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वहीं मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि श्रीश्री यहां पर आए थे। हमसे उनकी राम मंदिर ही नहीं कई मुद्दों पर बात हुई। उन्होंने कहा कि पर्सनल लॉ बोर्ड पहले ही कह चुका है कि कोर्ट का जो फैसला होगा वह माना जाएगा। मौलाना ने कहा कि हम भी चाहते हैं कि राम मंदिर का मसला जल्द से जल्द हल हो जाए। हिंदू-मुसलमान की एकता ही हिंदुस्तान की परंपरा है, इसलिए आपसी बातचीत से ही मतभेद दूर हो सकते हैं। देश में अमन-चैन कायम रहे, इस प्रयास में हम लोग आपसे मुलाकात और बातचीत कर रहे हैं।

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