इंटरनेशनल कॉल को लोकल काल में परिवर्तित करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

इंटरनेशनल कॉल को लोकल काल में परिवर्तित करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार



लखनऊ। अवैध सर्वर लगा विदेशों से आने वाली फोन कॉल्स को इंटरनेट के जरिए लोकल कॉल में बदलने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने कृष्णानगर इलाके से गिरफ्तार किया है। दोनों ने स्वीकार किया कि इन लोगों ने अलग-अलग जगहों पर दो अवैध एक्सचेंज सेटअप लगाए हैं।

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गोरखपुर के रहने वाले हैं आरोपी

एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक, लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय फोन काल्स के अवैध एक्सचेज चलने की सूचना कई दिनों से इंटेलिजेंस की विशेष शाखा को मिल रही थी। एक्सचेंज को चलाने वालों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की गई। इस टीम ने शनिवार देर शाम कृष्णानगर थाना क्षेत्र में वाहनों की चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध लोगों को बाराबिरवा चौराहे के पास से गिरफ्तार किया। पकड़े गए बदमाश नूर मोहम्मद और मनोज कुमार गुप्ता निवासीगण गोरखपुर अवैध सर्वर लगा सिम बॉक्स के जरिये इंटरनेशनल कॉल्स को लोकल काल्स में बदलने का टेलीफोन एक्सचेंज चला रहे थे। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि उन्होंने एक एक्सचेंज सर्वर हजरतगंज के तेज कुमार प्लाजा में और एक सर्वर कैसरबाग के मकबूलगंज में लगाया है।

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आईएसडी काल्स का लोकल कॉल में करते थे कनवर्ट

एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाश आईएसडी काल्स का इंटरनेट के जरिए लोकल कॉल में कनवर्ट कर देते थे, जिससे काल नेशनल गेटवे के माध्यम से नहीं आती और विदेशों से आनी वाली इन फोन काल्स की मॉनीटरिंग नहीं हो पाती थी।

दो सेटअप किए थे तैयार

आरोपी नूर ने पूछताछ में बताया कि वह दो बार साऊदी अरब जा चुका है। वह रहने वाले उसके दोस्त नसीम ने उसे इस धंधे के बारे में बताया, जिसके बाद वह लखनऊ आया और मनोज के साथ मिलकर हजरतगंज के तेज कुमार प्लाजा में युनिक टूर्स-ट्रेवल्स के नाम पर दफ्तर खोला और अवैध एक्सचेंज् का सेटअप तैयार किया। फिर कैसरबाग के मकबूलगंज में किराए का मकान लेकर वहां भी सेटअप लगाया। उसने बताया कि वह लोग चार माह से इस धंधे को कर रहे थे। इस एक्सचेंज से होने वाली कमाई को नसीम साऊदी अरब से उसके बैंक एकाउंट और पेटीएम के जरिए भेज देता था।

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 देश की अर्थव्यवस्था को लगा रहे थे चूना

एसएसपी ने बताया कि यह जालसाज इंटरनेट से कॉलिंग कर देश की अर्थव्यवस्था को चूना लगा रहे थे। साथ ही गेटवे माध्यम से कॉल नहीं आने से देश की सुरक्षा एजेन्सियां भी उन पर नजर नहीं रख पा रही थी, जो देश के लिए खतरा बन सकती थी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में छानबीन हो रही है। आईबी, मिलट्री इंटेलिजेंस के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसी पूछताछ में जुटी हुई है।

ये सामान हुआ बरामद

उन्होंने बताया कि बदमाशों की निशानदेही पर तीन सिम बाक्स मय 113 सिम, 22 पासपोर्ट, एक लैपटॉप, दो टेलीफोन, 09 एण्टीना, 03 मोबाइल, 50 कालिंग मिनट स्लिप प्रिंट की हुई सीट और डाटा कनेकटर पावर स्टेशन केबिल बरामद की है।

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