खीरी: भाजपा के लिए किसी चुनौती से कम नहीं ये सीट, सपा-बसपा देगी कड़ी टक्कर

खीरी: भाजपा के लिए किसी चुनौती से कम नहीं ये सीट, सपा-बसपा देगी कड़ी टक्कर



लखीमपुर खीरी। आगामी लोकसभा चुनाव-2019 को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के लिए निकाय चुनाव बहुत ही अहम माना जा रहा है। भाजपा चुनाव में कोई कोर-कसर नहीं छोडऩा चाहती है। भाजपा ने लखीमपुर नगर पालिका प्रत्याशी के रूप में निरूपमा बाजपेई के नाम की घोषणा की है। हालांकि इससे पहले भाजपा से ही इरा श्रीवास्तव नगर पालिका अध्यक्ष थीं, लेकिन इस बार भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया। सूत्रों ने बताया कि टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में ही नाराजगी है। ऐसे में भाजपा के लिए चुनाव जीतना किसी चुनौती से कम नहीं है।

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लखीमपुर जिले में चार नगर पालिकाएं (लखीमपुर, पलिया, गोला, मोहम्मदी) और छह नगर पंचायत (ओयल, खीरी, सिंगाही भदौड़ा, धौरहरा, मैलानी, बरबर) हैं। इनमें से सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के लगभग दो से तीन दर्जन से अधिक अध्यक्ष पद के उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अगर हम बात करें लखीमपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद की सीट की तो आज तक यहां की सीट कभी भी सपा या बसपा के पाले में नहीं गई। निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष भाजपा का ही था, लेकिन इस बार लखीमपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद पर मुकाबला तगड़ा है और सपा-बसपा कड़ी टक्कर दे सकती हैं।

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बता दें कि यहां से समाजवादी पार्टी से समाजसेवी और पिछली बार नगर पालिका का चुनाव लड़ चुकीं डॉ. उमा कटियार चुनाव मैदान में हैं। डॉ. उमा कटियार कई सामाजिक संस्थाओं से भी जुड़ी हैं। साथ ही उन्हें समाजवादी पार्टी का भी समर्थन प्राप्त है। इसलिए उन्हें हर तबके का वोट मिलने की संभावना है। साथ ही नगर के लोगों में उनकी स्वच्छ छवि ही उनके लिए सबसे बड़ी जीत की वजह बन सकती है। यही नहीं, गरीबों-मजलूमों का हमेशा साथ देने वाली महिला के रूप में उन्होंने राजनीति में अपना अलग मुकाम हासिल किया है। विभिन्न सामाजिक संगठनों में भी उन्होंने विभिन्न दायित्व निभाते हुए हमेशा समाज के गरीब व शोषित लोगों की मदद की है।

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वहीं, बसपा प्रत्याशी रमा मोहन बाजपेई की बात की जाए तो इनके पति मोहन बाजपेई की छवि भी नगर में काफी साफ सुथरी है। इन्होंने भी कई गरीब बेटियों की शादी करवाई। मोहन बाजपेई पर भरोसा कर बहुजन समाज पार्टी ने इनकी पत्नी को अपनी पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया है। मोहन की भी हर समाज में अच्छी पकड़ होने के कारण उन्हें सभी का समर्थन मिल रहा है।

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