जीएसटी और नोटबंदी ने तोड़ी छोटे व्यापारियों की कमर: मनमोहन

जीएसटी और नोटबंदी ने तोड़ी छोटे व्यापारियों की कमर: मनमोहन



नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर करारा हमला बोला। नोटबंदी और जीएसटी ने अर्थव्यवस्था को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया हैं, जिसने छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ कर रख दी है। उन्होंने कहा कि मैं संसद में भी कह चुका हूं कि ये व्यवस्थित तरीके से लूट है।  उन्होंने कहा कि कैशलेस अर्थव्यस्था को बढ़ावा देने के लिए नोटबंदी जैसे कदम उठाना कारगर नहीं रहा। बता दें कि सोमवार को मनमोहन ने कहा था कि मोदी सरकार को नोटबंदी को सबसे बड़ी भूल मानना चाहिए। इससे आर्थिक असमानता बढ़ेगी। अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जरूरी है कि आपसी बातचीत से रास्ता निकाला जाए। उन्होंने कहा कि आठ नवंबर, 2016 का दिन भारतीय अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र के लिए काला दिन साबित हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि आठ नवम्बर को सरकार की नुकसान पहुंचाने वाली योजना के खिलाफ काला दिन मनाएंगे।

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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मंगलवार को चुनाव प्रचार के लिए गुजरात पहुंचे। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं है जो नोटबंदी लागू कर 86 फीसदी करेंसी को मार्केट से बाहर कर दे। नोटबंदी और जीएसटी ने अर्थव्यवस्था को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया हैं, जिसने छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ कर रख दी है।  उन्होंने कहा कि मैं संसद में भी कह चुका हूं कि ये व्यवस्थित तरीके से लूट है। उन्होंने 2016-17 के पहले हाफ में भारत का चीन से आयात 1.96 लाख करोड़ था, जो 2017-18 में ये बढक़र 2.41 लाख करोड़ हो गया। देश की नौकरियों की कीमत पर चीन से सामान मंगाया जा रहा है। आयात में 45 हजार करोड़ की बढ़ोत्तरी हुई यानी एक साल में 23 फीसदी। इसकी वजह नोटबंदी और जीएसटी ही है।

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मोदी सरकार ने ज्यादा किराए वाली बुलेट ट्रेन योजना लॉन्च की। ये महज दिखावा है। उन्होंने कहा कि मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि कांग्रेस ने 14 करोड़ लोगों की गरीबी दूर की। मनमोहन ने कहा कि नोटबंदी ने साबित कर दिया है कि वह नुकसान करने वाली आर्थिक नीति साबित हुई। उसने केवल आर्थिक मोर्चे पर ही नहीं सोशल इंस्टीट्यूशनल लेवल पर भी नुकसान पहुंचाया। अर्थव्यवस्था को किस तरह नुकसान पहुंचा, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आर्थिक वृद्धि धीमी हुई। नोटबंदी से समाज के कमजोर तबके को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। मनमोहन सिंह ने यह भी दावा किया कि जानकारों और रिपोर्ट्स में जितना बताया गया, उससे कहीं ज्यादा बिजनेस को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले से लोगों को अपनी नौकरियां गंवानी पड़ीं। नई नौकरियां नहीं आ रही हैं।

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बता दें कि आठ नवम्बर को नोटबंदी के एक साल पूरे हो रहे हैं। इसे कांग्रेस काला दिवस के रूप में मना रही है। इस मौके पर राहुल गांधी सूरत जा सकते हैं। वहीं, भाजपा नोटबंदी के एक साल पर कालाधन दिवस के रूप में मना रही है।

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