भारत ने हमेशा शांति का संदेश दिया: मोदी

भारत ने हमेशा शांति का संदेश दिया: मोदी



नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत ने हमेशा शांति, एकता और दुनिया के प्रति सद्भाव का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में शामिल सैनिकों ने विश्व में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 37वें संस्करण को सम्बोधित कर रहे थे। मोदी ने कहा कि भारत हमेशा दुनिया को शांति, एकता और सामंजस्य का संदेश देता रहा है। हम मानते हैं कि हर किसी को शांति और सामंजस्य में रहना चाहिए। साथ ही हमें बेहतर कल को और शांतिपूर्ण बनाने के लिए आगे बढऩा चाहिए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध की इस जमीन के बहादुर शांति सैनिकों ने दुनिया भर में शांति और सौहार्द का संदेश भेजा है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में भारत को तीसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता बताया।

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मोदी ने कहा कि हमारे सैनिकों ने न केवल हमारी सीमाओं पर, बल्कि दुनिया भर में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि 18,000 से अधिक भारतीय सुरक्षा कर्मियों ने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान संचालन में हिस्सा लिया है और वर्तमान में लगभग 7,000 सैनिक इस मिशन में शामिल हैं।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि अगस्त 2017 तक भारतीय सैनिकों ने कंबोडिया, लाओस, वियतनाम, कांगो, साइप्रस, लाइबेरिया, लेबनान और सूडान सहित कई देशों में संयुक्त राष्ट्र द्वारा चलाए गए 71 शांति अभियानों में से लगभग 50 में भाग लिया है।

मोदी ने कहा कि भारतीय सुरक्षा बलों ने न केवल विभिन्न देशों में लोगों को बचाया, बल्कि भारतीय लोगों के अनुकूल अभियान से उनका दिल भी जीता। उन्होंने कहा कि कांगो और दक्षिणी सूडान में भारतीय सेना के अस्पतालों में 20,000 से अधिक मरीजों का इलाज किया गया था और अनगिनत लोगों का जीवन बचाया गया। उन्होंने कांगो में लड़ते हुए अपना जीवन खोने वाले और मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन गुरबचन सिंह सालेरिया, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, साइप्रस, नामीबिया और जिम्बाब्वे में कमांडर के रूप में सेवाएं दे चुके लेफ्टिनेंट जनरल दीवान प्रेमचंद, सेवानिवृत्ति के साइप्रस में संयुक्त राष्ट्र बलों के कमांडर(यूएनएफसीआईपी) के रूप में नियुक्त पूर्व सेना प्रमुख जनरल के.एस. थिमैया जैसे सैनिकों के योगदान को भी याद किया। मोदी ने यह भी कहा कि भारत हमेशा महिलाओं के समान अधिकारों के लिए खड़ा है। मोदी ने कहा कि फिलहाल यह अभी अपने प्रारंभिक चरण में है।

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मोदी ने कहा कि भारतीय महिलाओं ने संयुक्त राष्ट्र के अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाई है और भारत लाइबेरिया में महिला पुलिस इकाई भेजने वाला पहला देश है। जम्मू एवं कश्मीर के गुरेज सेक्टर में सैनिकों के साथ बिताए गए दिवाली के पलों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक अविस्मरणीय अनुभव है। मोदी ने कहा कि सुरक्षा बलों के साथ दिवाली समारोहों की ये स्मृतियां मेरे दिल में हमेशा रहेंगी।

मोदी ने कहा कि मैं प्रत्येक सैनिक को सलाम करता हूं, जो सीमाओं को अत्यंत समर्पण और बलिदान की भावना से बचाते हैं और सभी बाधाओं को पार करते हैं। जब भी हमें मौका मिलता है, हमें अपने सैनिकों के अनुभवों को जानने की कोशिश करनी चाहिए और उनकी वीरता की कहानियों को सुनना चाहिए।

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