यूपी बोर्ड परीक्षा की समय सारणी जारी, छह फरवरी से होगी परीक्षाएं

यूपी बोर्ड परीक्षा की समय सारणी जारी, छह फरवरी से होगी परीक्षाएं

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा 14 दिन और इंटर की 25 दिनों में पूरी होगी। दो पालियों में होनेवाली परीक्षा की पहली पाली सुबह 7.30 से 10.45 बजे जबकि दूसरी पाली दिन 2 से 5.15 बजे तक होगी।


यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा 14 दिन और इंटर की 25 दिनों में पूरी होगी। दो पालियों में होनेवाली परीक्षा की पहली पाली सुबह 7.30 से 10.45 बजे जबकि दूसरी पाली दिन 2 से 5.15 बजे तक होगी।

इलाहाबाद। प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2017-18 का कार्यक्रम (समय सारिणी) घोषित कर दिया गया है। इंटर और हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षाएं एक साथ छह फरवरी से शुरू होंगी, जहां  हाईस्कूल की परीक्षा 22 फरवरी तक तो इंटर की परीक्षा 10 मार्च तक चलेंगी। बोर्ड परीक्षा का अधिकृत कार्यक्रम शुक्रवार दोपहर यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव ने जारी किया।

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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा 14 दिन और इंटर की 25 दिनों में पूरी होगी। दो पालियों में होनेवाली परीक्षा की पहली पाली सुबह 7.30 से 10.45 बजे जबकि दूसरी पाली दिन 2 से 5.15 बजे तक होगी। छात्र अपनी परीक्षाओं की समय सारणी बोर्ड की वेबसाइट पर देख सकते हैं।

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बोर्ड परीक्षा 2017-18 के लिए 6702483 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 3712508 हाईस्कूल की परीक्षा के लिए तो 2989975 अभ्यर्थियों ने इंटर के लिए पंजीकरण कराया है। जबकि 2016-17 की परीक्षा में हाईस्कूल में 3401511 परीक्षार्थी और इंटर की परीक्षा के लिए 2654492 परीक्षार्थी पंजीकृत थे।

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इस बार परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों का आवंटन सॉफ्टवेयर से किया गया है। बोर्ड के मुताबिक परीक्षा में नकल को रोकने के लिए कड़े प्रबंध किए जाएंगे। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे। बता दे कि उप मुख्यमंत्री डात्र दिनेश शर्मा पहले ही कह चुके हैं कि बोर्ड परीक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में होगी। बिना कैमरे वाले स्कूल परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। उन्होंने परीक्षा को नकलविहीन बनाने के कड़े निर्देश दिए हुए है। जिसके बाद से परीक्षा में नकल रोकना लंबे समय से बोर्ड के लिए चुनौती बना हुआ है।

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इसको देखते हुए बोर्ड ने कई बदलाव किए गए हैं। स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर इस बार सभी स्कूलों को अंक दिए गए हैं। जहां जितने संसाधन हैं उस स्कूल को उतने ही ज्यादा अंक मिले हैं। इन अंकों के आधार पर एक मेरिट तैयार की जा रही है और उसके आधार पर केंद्रों का निर्धारण होगा।

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आईएनएस-


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