वाह रे नैया के खेवनहार, आखिर कैसे दूर हो भ्रष्टाचार

वाह रे नैया के खेवनहार, आखिर कैसे दूर हो भ्रष्टाचार



Share on FacebookTweet about this on TwitterShare on Google+Pin on PinterestShare on LinkedIn

अनंग वर्मा

गोला गोकर्णनाथ, खीरी। प्रदेश सरकार जहां एक ओर भ्रष्टाचार मिटाने को कटिबद्ध है। वहीं, जनपद लखीमपुर की तहसील गोला गोकर्णनाथ में तैनात महिला लेखपाल की दीदा-दिलेरी की हद तो देखिए। नौकरी पाए अभी कोई साल ही बीता होगा। सच कहूं तो अभी दूध के दांत भी नहीं टूटे होंगे। कारनामा ऐसा की हर कोई शर्मसार हो जाए।

प्रशासन का कारनामा, अवैध कब्जा हटाए बिना लगा दी रिपोर्ट

यह मामला कहीं और नहीं परगना हैदराबाद, ब्लॉक कुम्भी के राजस्व ग्राम शीतलपुर ग्रंट की गाटा संख्या 536 सरकारी नाला व गाटा संख्या 537 पर खाद के गड्ढे की पैमाइश करने पहुचीं लेखपाल ने अपनी दी गई आख्या में स्वीकार किया कि 14 अक्तूबर 2017 को काबिज व्यक्ति एवं ग्रामीण व्यक्तियों की उपस्थिति में खाली करा दिया गया। स्थल पर कोई विवाद नहीं है। जबकि अभी हाल में तथाकथित भारतीय ग्रामीण विकास सोसाइटी के बैनर तले एक अगस्त 2017 को तहसील दिवस पर पत्रांक 1 दिनांक 01/08/2017 के माध्यम से ज्ञापन देकर कई गाटा संख्याओं पर काबिज भूमाफियाओं के  विरुद्ध कब्जा हटवाकर कार्यवाही किये जाने की मांग की थी।

यह भी पढ़ें : ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाया पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप

प्रशासन की अनदेखी पर जिलाध्यक्ष महेश चंद्र वर्मा ने धरना प्रदर्शन कर पुतला और भूख हड़ताल की थी। जिस पर प्रशासन ने दो बार, 24 अगस्त और नौ  अकटूबर को राजस्व टीम को भेज कर पैमाइश कराने के बाद केवल गाटा संख्या 535, 474, क्रमश: बाबू राम, राकेश, सुरेश के कब्जे के भूभाग को खाली कराया गया। शेष सभी गाटा संख्याओं पर कब्जे जस के तस बने हुए हैं, जिससे नाराज होकर ग्रामीणों ने 12 अक्टूबर को प्रभात किरण सामाजिक संस्थान के माध्यम से एसडीएम योगानंद पांडेय के सम्मुख उपस्थिति होकर प्रार्थना पत्र देकर अवशेष कब्जों को हटवाए जाने की मांग की थी।

यह भी पढ़ें :  …जब इंदिरा गांधी ने नाश्ते में मांगी थी गर्म जलेबी, मठरी

श्री पांडेय ने शीघ्र कार्यवाही करने को कहा था। तभी भुक्तभोगी राकेश कुमार ने 17अक्टूबर को जिलाधिकारी खीरी की मौजूदगी में आयोजित तहसील दिवस पर क्रमांक 30079917001482 पर अंकित प्रार्थना पत्र सौंप कर भूमाफियाओं के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही किए जाने की गुहार लगाई थी। जिस पर 16 अकटूबर 2017 को लेखपाल निधि कश्यप ने अपनी रिपोर्ट तहसील दिवस से एक दिन पूर्व सौंप दी।

यह भी पढ़ें : बिना रोजी रोटी दिए प्रवचन देना कहां का है धर्म : अखिलेश

वास्तविकता यह है कि मौके पर गाटा संख्या 536 नाला पर ओमकार का मकान बना हुआ है और गाटा संख्या 537 पर धर्मकांटा अभी भी मौजूद है। ग्रामीणों ने बताया की यह धर्मकांटा ओमकार का ही है। फिर लेखपाल निधि कश्यप ने किन ग्रामीणों की उपस्थिति में कहां का कब्जा खाली कराया। अगर तत्काल मौके पर सत्यापन कराया जाए तो बोला जा रहा झूठ सामने आ जाएगा।

यह भी पढ़ें : खीरी: सुहागरात पर पत्नी को देख पति के उड़ गए होश

एसडीएम योगानंद पांडेय का कहना है कि संबंधित लेखपाल को जांच कर आख्या मांगी गई थी। रिपोर्ट आ गई है जांच के बाद यदि गलत हुआ है तो विभागीय कार्यवाही होगी।

यह भी पढ़ें :  दीवाली पर युवाओं ने गरीबों संग जलाए खुशी के दीप, बांटे तोहफे


You may also like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *