अधिवेशन से पहले मुलायम ने बुलाई लोहिया ट्रस्ट की बैठक

अधिवेशन से पहले मुलायम ने बुलाई लोहिया ट्रस्ट की बैठक



Share on FacebookTweet about this on TwitterShare on Google+Pin on PinterestShare on LinkedIn
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव नए मोर्चे का ऐलान कर सकते हैं।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी में बीते एक साल से चल रहा अंर्तद्वंद एक बार फिर उभरता दिख रहा है। दरअसल समाजवादी पार्टी ने पहले ही 23 सितम्बर को लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर रैली में राज्य स्तरीय अधिवेशन करने ऐलान कर चुकी है। वहीं, अब समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने इससे दो दिन पहले यानि 21 सितंबर को लखनऊ में ही लोहिया ट्रस्ट की अहम बैठक करने का ऐलान कर दिया है। माना जा रहा है कि बैठक में मुलायम सिंह कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं। सूत्रों की मानें तो इस बैठक में मुलायम सिंह यादव की सहमति से उनके छोट भाई और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव नए मोर्चे का ऐलान कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें : हम मोर्चा या पार्टी बनाने से कदम पीछे नहीं हटाएंगे : शिवपाल

अखिलेश समेत कई लोगों को किया आमंत्रित

बता दें कि लोहिया ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी मुलायम सिंह यादव और ट्रस्टी सचिव रामगोपाल यादव हैं। इसके अलावा अखिलेश यादव, बलराम यादव, शिवपाल सिंह यादव, आजम खां, भगवती सिंह, दीपक मिश्रा, जगपाल सिंह, रामसेवक यादव, रामनरेश यादव और राजेश यादव समेत 11 ट्रस्टी हैं। ट्रस्ट की इस बैठक के लिए मुलायम सिंह यादव ने रामगोपाल यादव, आजम खां, शिवपाल यादव, अखिलेश यादव, भगवती सिंह, धर्मेंद्र यादव, बलराम यादव, दीपक मिश्र, जगपाल सिंह, राम सेवक यादव, राम नरेश यादव व राजेश यादव को पत्र भेज कर आमंत्रित किया है। बता दें कि ट्रस्ट की पिछली बैठक में अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव नहीं आए थे।

यह भी पढ़ें : नोटबंदी से अमीरों का कुछ नहीं बिगड़ा, गरीबों पर आई शामत: अखिलेश

समाजवादी पार्टी का 23 को राज्यस्तरीय अधिवेशन

23 सितम्बर को समाजवादी पार्टी का रमाबाई अंबेडकर रैली स्थल में राज्यस्तरीय अधिवेशन होना है। इस अधिवेशन में सर्व सम्मति से पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। वहीं, पांच अक्टूबर को आगरा में पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन होना है, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। ऐसे में इन अधिवेशनों से पहले मुलायम द्वारा लोहिया ट्रस्ट की बैठक बुलाना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। लोगों की मानें तो इस बैठक में सपा संरक्षक कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।

यह भी पढ़ें : बुरे समय में कौन साथ है, कौन नहीं, इसका भी परीक्षा : अखिलेश


You may also like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *