राष्ट्र सेवा और राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक निभा रहा भूमिका: कोविन्द

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लखनऊ। भारत के राष्ट्रपति प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित अपने अभिंनदन समारोह के दौरान बागपत जिले में नाव पलटने से हुई 19 लोगों मौतों पर दुखी रहे। अपने सम्बोधन के दौरान भावुकता से इस दुख को प्रकट किया। राष्ट्रपति का पहला वाक्य था ’हम सब इंसान हैं’ मैं जब इस हाल में प्रवेश कर रहा था, मुझे बागपत में हुई घटना की जानकारी हुई, अत्यंत दुखद, मुझे लगा मेरा अभिनंदन समारोह ऐसी दुखद घटना के बाद शायद ठीक नहीं लगेगा, परंतु फिर आप सब की भावनाओं को देखते हुए मैं कार्यक्रम में उपस्थित हुआ। राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ भी कहने-बोलने से पहले मैं उन 22 लोगों की दुखद मृत्यु पर अपना दुख और संवेदना प्रकट करता हूँ।

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इसके बाद उन्होंने कहा कि भगवान् श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण, अनेक संत महात्माओं का इस उत्तर प्रदेश में ही प्राकट्य हुआ। यहां मुस्लिम धर्म का भी गौरवशाली प्रतीक फतेहपुर सीकरी मौजूद है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का पद बड़ा है परन्तु यहां मौजूद प्रत्येक व्यक्ति राजनेतागण, पत्रकार कैमरामैन, ड्यूटी वाले अधिकारी, कर्मचारी, पुलिस के लोग और यहां तक कि शौचालय पर मौजूद कर्मचारी साथी सभी राष्ट्र सेवा और राष्ट्रनिर्माण में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

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उन्होंने प्रदेश की मिट्टी से जुड़े साहित्यकारों, लेखकों, कवियों एवं अनेक प्रतिष्ठिïत राजनेता रहे व्यक्तियों के नाम लेते हुए कहा कि इन सब को हम कभी भुला नहीं सकते, इनके कारण उत्तर प्रदेश गौरान्वित है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रधानमंत्री का इस प्रदेश पर विशेष ध्यान रहता है, पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपेयी पर हम सब को गर्व है। उन्होंने ’कम्पोजिट’ दृष्टिकोण के साथ हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि माना।

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कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति के साथ ही उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर बागपत की घटना के मृतकों को श्रद्धांजलि दी।

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इससे पहले गुरूवार को पांच बजकर 5 मिनट पर भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ’नागरिक अभिनन्दन’ कार्यक्रम स्थल इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान के मंच पर पहुंचे। पूरा हाल खचाखच भरा था। मंच पर पहुंचकर उन्होंने उपस्थिन सभी लोगों का अभिवादन हथ जोडक़र स्वीकार किया।

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प्रदेश की 22 करोड़ जनता आपसे गौरवान्वित: मुख्यमंत्री

इससे पूर्व राष्ट्रपति बनने के बाद प्रदेश की राजधानी में प्रथम बार आगमन पर उनका स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तमाम चुनौतियों का सामना और संघर्ष करते हुए आप इस सम्मानित पद पर पहुंचे हैं, 25 जुलाई 2017 को राष्ट्रपति बनने के बाद अपने प्रथम उद्बोधन में आपने कहा था कि मैं बहुत साधारण से परिवार और गांव से निकल कर आया हूँ और मेरा यहां पहुंचने में मेरे उस गांव, जनपद और पूरे प्रदेश का योगदान है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 22 करोड़ जनता देश के सर्वोच्च पद पर अपनी ही माटी के सपूत को पाकर गौरवान्वित है। आपने अपने कार्यक्रम के लिए भी सर्वप्रथम उत्तर प्रदेश को चुना इससे भी पूरा प्रदेश आनंदित है।

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इसके उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ’बुद्ध की कांस्य प्रतिमा भेंट की, विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने अभिनंदन पत्र सौंपा, साथ ही विधान परिषद के सभापति रमेश यादव, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं दिनेश शर्मा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद महेन्द्र नाथ पांडेय, लखनऊ विवि के कुलपति एसपी सिंह, मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष आदि ने पुष्प भेंटकर उनका स्वागत किया।

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कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के लगभग सभी मंत्री, विधायक, प्रदेश के ज्यादातर सांसद, भाजपा नेता, अधिकारी तथा शहर के गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।

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मेरा और राष्ट्रपति महोदय का सम्बन्ध थोड़ा आप सब से अलग: राज्यपाल

कार्यक्रम में राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि मेरा और राष्ट्रपति का सम्बन्ध थोड़ा आप सब से अलग है, मेरे समय में यह दो बार राज्यसभा के सांसद और मैं तब लोकसभा का सांसद था। संसद की अनुशासन समिति का मैं जब अध्यक्ष था तो यह उसमें सम्मानित सदस्य थे। उन्होंने कहा कि उस समय भाजपा में अनुशासन तोडऩे की घटनाएं लगभग नहीं होती थीं, आज कुछ अलग स्थिति है। परन्तु उस समय भी आज के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अनुशासन प्रियता सबसे अलग थी।

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राज्यपाल ने भी आज बागपत में हुई नाव के यात्रियों की मौत के मामले पर भी दुख प्रकट किया। कार्यक्रम के दौरान ही उन्होंने कहा कि हम सभी में उनके लिए संवेदना है।

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