नीलकंठ मैदान में ही होगा रामलीला मंचन: अरविंद गिरि

नीलकंठ मैदान में ही होगा रामलीला मंचन: अरविंद गिरि



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गोला गोकर्णनाथ, खीरी। 21 सितम्बर से होने वाली रामलीला मंचन को लेकर मेला समिति और प्रशासन के बीच सहमति बनते दिखाई नहीं दे रही है। इस प्रकरण को लेकर मंगलवार को विधायक अरविंद गिरि ने साफतौर पर कह दिया कि मेला की भव्यता प्रदान करने के लिए रामलीला का मंचन नीलकंठ मैदान में ही होगा। जबकि 125 वर्ष पुरानी परम्पराओं को बनाए रखने के लिए रावण, कुंभकरण, मेघनाथ वध, पुतला दहन की लीलाओं का मंचन मेला मैदान में ही किया जाएगा।

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पुतला दहन मेला मैदान में होगा

गौरतलब है कि श्री रामलीला समिति ने मेला मैदान में कम स्थान, गंदगी व  खुले स्थान के कारण सुरक्षा की दृष्टि से रामलीला मंचन के स्थान का बदलाव करते हुए नीलकंठ मैदान जबकि पुतला दहन का कार्यक्रम राजेन्द्र गिरि स्टेडियम में रखा गया था। इसके बाद एसडीएम योगानंद पांडे ने मेला मैदान में निरीक्षण कर पुतला दहन का कार्यक्रम मेला मैदान में कर दिया था। जिसे श्री रामलीला समिति ने भी मान लिया था।

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न प्रशासन झुकने को तैयार न ही मेला कमेटी

इसके बाद अचानक एसडीएम ने रामलीला मैदान में कराने का निर्णय ले लिया, जिससे प्रशासन और श्री रामलीला समिति में तलवारें खिंच गईं। श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष जर्नादन गिरि, मंत्री राजेश आनन्द पहले ही प्रेस वार्ता कर साफ कर चुके हैं कि कमेटी रामलीला करायेगी तो नीलकंठ में करायेगी अन्यथा एसडीएम मनचाही जगह कराने के लिए स्वतंत्र है।

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कम समय में मेला कमेटी कैसे कर पाएगी तैयारी

मंगलवार को विधायक अरविन्द गिरि ने कहा कि मेला मैदान में जगह का अभाव है, सुरक्षा की दृष्टि से नीलकंठ मैदान उचित है वहां सभी सुविधाएं  भी हैं और 125 वर्ष पुरानी परम्पराओं को बनाये रखने के लिए प्रमुख मंचन रावण, कुंभकरण मेघनाथ वध पुतला दहन मेला मैदान में किया जा रहा है तो कौन सी परम्परा टूट रही है।

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पहले से ही तय है, परम्परा नहीं बदली जाएगी, पुरानी जगह पर रामलीला व रावण वध पुतला दहन होगा।

योगानंद पांडे, एसडीएम, गोला गोकर्णनाथ, खीरी।

 

रामलीला का मंचन नीलकंठ मैदान में होगा शेष कार्य परम्परा के अनुसार पहले जैसे ध्वजारोहण व पुतला दहन आदि उसी स्थान पर किए जाएंगे।

अरविन्द गिरि, विधायक गोला, खीरी।


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