रामलीला के मंचन को लेकर प्रशासन और कमेटी आमने सामने

रामलीला के मंचन को लेकर प्रशासन और कमेटी आमने सामने



श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष जर्नादन गिरि, मंत्री राजेश आनंद, कोषाध्यक्ष पंकज पुरवार ने प्रेस वार्ता में कहा कि रामलीला का स्वरूप बदलने के लिए एक बैठक की गई

गोला गोकर्णनाथ, खीरी। नीलकंठ मैदान में होने वाली रामलीला के मंचन पर प्रशासन द्वारा रोक लगाने के बाद श्री रामलीला समिति ने मेला मैदान में रामलीला का मंचन कराने से इनकार कर दिया है, जिससे प्रशासन और श्री रामलीला समिति में तलवारें खिंचती दिखाई दे रही हैं।

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समिति मेला करायेगी तो नीलकंठ मैदान में, प्रशासन स्वतंत्र

श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष जर्नादन गिरि, मंत्री राजेश आनंद, कोषाध्यक्ष पंकज पुरवार ने प्रेस वार्ता में कहा कि रामलीला का स्वरूप बदलने के लिए एक बैठक की गई थी, जिसमें शहर के पचासों गणमान्य लोगों ने प्रतिभाग किया था और तय हुआ कि मेला मैदान में खुला स्थान होने के साथ जगह का भी अभाव है। इसलिए रामलीला मंचन के स्थान का बदलाव करते हुए नीलकंठ मैदान जबकि पुतला दहन का कार्यक्रम राजेन्द्र गिरि स्टेडियम में रखा गया था।

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इसके बाद एसडीएम योगानंद पांडे ने मेला मैदान कर निरीक्षण कर पुतला दहन का कार्यक्रम मेला मैदान में कर दिया था, जिसे श्री रामलीला समिति ने भी मान लिया लेकिन अचानक एसडीएम ने रामलीला का मंचन से लेकर पुतला दहन का कार्यक्रम मेला मैदान में कराने का निर्णय ले लिया, जिससे मेला कमेटी ने नाराजगी जाहिर की। कहा कि कमेटी रामलीला कराएगी तो नीलकंठ में कराएगी अन्यथा एसडीएम पुरानी जगह पर कराने के लिए स्वतंत्र हैं। समिति ने कहा कि 125 वर्ष पुरानी परम्परा का बदलाव करने का मतलब केवल मेला की भव्यता प्रदान करना है।

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तीन ध्वज होगे स्थापित

श्री रामलीला समिति के अनुसार अगर कमेटी रामलीला सम्पन्न कराती है तो इस बार तीन ध्वज होगे, पहला ध्वज कार्यालय पर, दूसरा मेला मैदान के रामलीला स्थल पर तीसरा नीलकंठ मैदान पर पूजन अर्चन के साथ स्थापित किया जायेगा। इसके बाद विधिवत मेला सम्पन्न कराया जायेगा।

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मेला की भव्यवता प्रदान करना है मकसद: राजेश आनन्द

समिति के महांमत्री राजेश आनन्द मिन्नी ने कहा कि मेला मैदान में संकुचित जगह होने के कारण मेला का स्तर दिन पर दिन गिरता जा रहा था। इसलिए रामलीला स्थान का बदलाव करते हुये नीलकंठ मैदान को चुना गया है। रामलीला को रामलीला की तरह सम्पन्न कराना तथा सजावट के साथ बैठने के लिए कुर्सिया आदि की व्यवस्था की जायेगी। इस बार की रामलीला सभी को अपनी ओर आकृषित भी करेगी।

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कमेटी क्या कहती है इससे मुझे कोई मतलब नहीं है, मैने जो कहा वह मायने रखता है। सोमवार को कमेटी के पदाधिकारियों को बुलाया है। उसके बाद भी कुछ कह पाऊंगा।

योगानंद पांडे, एसडीएम, गोला गोकर्णनाथ, खीरी।

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