आखिर अन्ना हजारे ने क्यों लिखा प्रधानमंत्री मोदी को पत्र

आखिर अन्ना हजारे ने क्यों लिखा प्रधानमंत्री मोदी को पत्र ?



नई दिल्ली । सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र लिखा। पत्र में अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री मोदी को आंदोलन की चेतावनी भी दी। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति की दिशा में कदम नहीं उठाने और किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए स्वामिनाथन समिति की रिपोर्ट पर अमल नहीं करने आरोप लगाया। कहा हुए दिल्ली में आंदोलन करने का निर्णय किया है।

व्यथित होकर मैं आपको पत्र लिख रहा हूं
  • भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना देखते हुए अगस्त 2011 में रामलीला मैदान और पूरे देश में ऐतिहासिक आंदोलन हुआ था।
  • आंदोलन को देखते हुए संसद ने सदन की भावना के अनुरूप प्रस्ताव पारित किया था
  • केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति के साथ सिटिजन चार्टर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जल्द से जल्द कानून बनाने का निर्णय किया गया था।
  • केंद्र के लिखित आश्वासन के बाद मैंने 28 अगस्त को अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था।
  • छह वर्ष गुजर जाने के बाद भी भ्रष्टाचार को रोकने वाले एक भी कानून पर अमल नहीं हो पाया है।
  • लोकपाल और लोकायुक्त कानून बनते समय संसद के दोनों सदनों में विपक्ष की भूमिका निभा रहे आपकी पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने इस कानून को पूरा समर्थन दिया था।
  • देश की जनता ने इसके बाद 2014 में बड़ी उम्मीद के साथ नई सरकार को चुना।
  • आपने (प्रधानमंत्री मोदी) देश की जनता को भ्रष्टाचार मुक्त भारत निर्माण की प्राथमिकता का आश्वासन दिया था, लेकिन आज भी जनता का काम पैसे दिये बिना नहीं हो रहा है।
  • लोकपाल और लोकायुक्त कानून पर अमल होने से 50 से 60 प्रतिशत भ्रष्टाचार पर रोक लग सकती है लेकिन इस पर अमल नहीं हो रहा है। तीन साल से नियुक्ति नहीं हो रही है।

 

 


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