...तो शिक्षा मित्र फिर करेंगे विधानभवन को घेराव

…तो शिक्षा मित्र फिर करेंगे विधानभवन को घेराव



लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश के बाद दो बार आन्दोलन कर यूपी सरकार पर दबाव बना चुके शिक्षामित्र पांच सितम्बर से फिर आन्दोलन का मन बना रहे हैं। वहीं, सूबे की सरकार ने शिक्षा मित्रों की मांगों पर केन्द्र सरकार को रिपोर्ट भेजने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव राजप्रताप सिंह की अध्यक्षता में गठित कमेटी की पहली बैठक 30 अगस्त को होगी। सूचना विभागए न्याय विभाग, समाज कल्याण व वित्त विभाग के प्रमुख सचिव समेत पांच सदस्यों वाली यह कमेटी शिक्षामित्रों के प्रत्यावेदन पर विचार कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

25 से 27 अगस्त को किया था प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार यादव ने बताया कि संघ की ओर से 25 से 27 अगस्त को दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव से मुलाकात कर शिक्षा मित्रों को नियमित करने के लिए एक्ट में संशोधन करने की मांग की।

शिक्षामित्रों की मांग को लेकर गठित कमेटी की बैठक 30 को

उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने मामले में मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षाए अपर मुख्य सचिव वित्त, प्रमुख सचिव सूचना, प्रमुख सचिव विधि एवं न्याय और प्रमुख सचिव समाज कल्याण की कमेटी गठित की है। कमेटी की पहली बैठक 30 अगस्त को होगी। कमेटी शिक्षा मित्रों की मांगों पर रिपोर्ट तैयार कर केन्द्र सरकार को रिपोर्ट भेजेगी।

मानदेय की कर रहे हैं मांग

बता दे कि शिक्षामित्र समायोजन होने तक समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रम पद्धति के स्कूली शिक्षकों की तरह मानदेय की मांग कर रहे हैं। इन स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षक संविदा पर तैनात हैं और इन्हें 27 हजार रुपये 11 महीने 29 दिन का मानदेय दिया जाता है। शिक्षामित्र अध्यादेश लाकर टीईटी से छूट देने की मांग कर रहे हैं।

वहीं शिक्षक कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा का कहना है कि यदि सरकार ने तीन दिनों में शिक्षामित्रों पर निर्णय नहीं लिया तो पांच सितम्बर को विधानभवन का घेराव किया जाएगा। शिक्षामित्रों को समान कार्यए समान वेतन से नीचे कुछ भी मंजूर नहीं है।


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