बच्चों को संस्कार के साथ गुणवत्तापरक शिक्षा दे रही विद्या भारती : ब्रह्मदेव राम तिवारी

बच्चों को संस्कार के साथ गुणवत्तापरक शिक्षा दे रही विद्या भारती : ब्रह्मदेव राम तिवारी



  • प्रो. रज्जू भैया डिजिटल सूचना संवाद केंद्र में शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
  • देश के कोने-कोने में शिक्षा की अलख जगा रही विद्या भारती : ब्रह्मदेव राम तिवारी

लखनऊ. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आनुषांगिक संगठन विद्या भारती देश के कोने-कोने में शिक्षा की अलख जगा रही है। विद्या भारती के विद्यालय बच्चों को संस्कारवान बनाने के साथ गुणवत्तापरक शिक्षा दे रहे हैं। उक्त बातें रविवार को विशेष सचिव वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, उ.प्र. शासन, ब्रह्मदेव राम तिवारी ने लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज में प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) उच्च तकनीकी (डिजिटल) सूचना संवाद केंद्र में विद्या भारती के गोरक्ष प्रांत से आए शिक्षकों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह के दौरान कहीं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंन्द्र जी और मंच पर दाहिने से कार्यक्रम अध्यक्ष प्रमुख व्यवसायी सुनील कालरा, मुख्य अतिथि विशेष सचिव ब्रह्मदेव राम तिवारी और विद्या भारती पूर्वी उ0प्र0 के प्रचार प्रमुख सौरभ मिश्रा जी।

बतौर मुख्य अतिथि विशेष सचिव ब्रह्मदेव राम तिवारी ने कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में शिक्षण-प्रशिक्षण और पठन-पाठन के कार्यक्रम कैसे चलें, तकनीक ने इसे बेहतर प्लेटफॉर्म दिया है। तकनीक की भूमिका आज के युग में बहुत ही प्रभावी है। उन्होंने कहा कि हम सबके हाथों में यह यंत्र (मोबाइल), जिसने जीवन में सबसे बड़ा क्रांतिकारी परिवर्तन किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी चीज का उपयोग व दुरुपयोग व्यक्ति के संस्कारों, मूल्यों और बुद्धि पर पूरी तरह से निर्भर करता है। उन्होंने उपनिषदों और वेदों का जिक्र करते हुए कहा कि गुरु के समीप बैठकर ज्ञान अर्जन की परंपरा रही है, जो कोरोना काल में असंभव था, लेकिन तकनीक ने इसे संभव कर दिखाया।

उन्होंने कहा कि हमारे ऋषियों की जो परंपरा रही है, उसे विद्या भारती जैसे संगठन आगे बढ़ा रहे हैं। पाश्चात्य विद्या ने हमारे मन में हीन भावना पैदा करने, अपनी गौरवपूर्ण संस्कृति से दूर करने और उसके प्रति मन में हीन भावना बनाने का काम किया है, लेकिन विद्या भारती ने इसे दूर करके सत्य और ज्ञान का दर्शन कराया है।

बच्चों में जैसे संस्कार डालेंगे, वह वैसा ही बनेगा: हेमचंद्र

विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मत्री हेमचन्द्र ने प्रशिक्षण में आए सभी आचार्य बंधुओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि विद्या भारती का उद्देश्य बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा देने का रहा है, इसे ही आगे बढ़ाना है। शिक्षकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए चिंतन और मनन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक की भविष्य के निर्माणकर्ता है। वह बच्चों में जैसे संस्कार डालेंगे, बच्चा आगे चल कर वैसा ही बनेगा। हेमचन्द्र ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में भी बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए विद्या भारती ने डिजिटल प्लेटफार्म तैयार किया है, जिसके जरिए आनलाइन शिक्षा दी जा रही है। उन्होंने कहा किराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का आनुषांगिक संगठन विद्या भारती पूरे देश में शिक्षा की अलख जगा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए शिक्षकगण।

एलएमएस एप के जरिए छात्रों को त्रिस्तरीय शिक्षा मुहैया करा रही विद्या भारती: सौरभ मिश्रा

विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रचार प्रमुख सौरभ मिश्रा ने कोरोना वायरस जैसी महामारी को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसी महामारियां फैल सकती हैं, इसे लेकर हमें पहले से ही सचेत रहना होगा। विद्या भारती ने चिंतन और मनन के बाद महामारी जैसी स्थिति में भी शिक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफार्म चुना है। विद्या भारती ने ई-लर्निंग के लिए एलएमएस एप को शुरू किया है, जिसे पूरे स्तर पर लागू किया जाएगा।

सौरभ ने विद्या भारती एलएमएस (लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम) एप के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एलएमएस एप के जरिए छात्रों को त्रिस्तरीय शिक्षा मुहैया कराई जा रही है। पहले स्तर पर स्टूडियो से, दूसरे स्तर पर स्कूल में और तीसरे स्तर पर विषय विशेषज्ञों से स्पेशल क्लासेज चलाए जा रहे हैं, जो छात्र के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।

कार्यक्रम संचालन भारतीय शिक्षा परिषद के सचिव दिनेश जी ने किया। कार्यक्रम के अंत में विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रदेश निरीक्षक राजेन्द्र बाबू ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इससे पहले अतिथियों को मास्क और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उमाशंकर, राजेन्द्र बाबू, डॉ. इंद्रपाल शर्मा, रजनीश पाठक, भास्कर दूबे, योगेश मिश्रा और शिक्षकगण सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


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