जानिए कौन हैं सपा कार्यकर्ता ऋषि यादव, जो गरीबों के लिए बनकर आए फरिस्ता

जानिए कौन हैं सपा कार्यकर्ता ऋषि यादव, जो गरीबों के लिए बनकर आए फरिस्ता



Lucknow. तस्वीर में जिसे आप साइकिल पर दूध लादे हुए देख रहे हैं, वो कोई दूधिया नहीं, बल्कि कानून की पढ़ाई कर रहे समाजवादी पार्टी के बूथ लेवल के कार्यकर्ता ऋषि यादव हैं। ऋषि यादव उत्तर प्रदेश के जौनपुर के धर्मापुर ब्लॉक के एक छोटे से गांव मोहिउद्दीनपुर के निवासी हैं।

कोरोना वायरस महामारी को लेकर देश में हुए लॉकडाउन से दो दिन पहले ही ऋषि यादव ने आम लोगों को मास्क बांटना शुरू कर दिया था। देश में लॉकडाउन होने के बाद बड़ी संख्या में काम धंधा बंद होने चलते लोगों के सामने जब भरण पोषण की परेशानियां होने लगी हैं, तब ऋषि उनके लिए फरिस्ता बनकर सामने आए। ऋषि यादव ने पड़ोस के गांव गजना में एक ऐसे मुस्लिम परिवार का गोद लिया है, जो दिव्यांग हैं और मस्जिदों के बाहर मांग कर गुजर बसर करते थे।

लॉकडाउन के बाद उनका धंधा बंद हो गया था। अब ऋषि इस परिवार को प्रतिदिन दूध, राशन और अन्य चीजें उपलब्ध कराकर हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर रहे हैं। यही नहीं, ऋषि यादव प्रतिदिन अपनी साइकिल से ही आस—पास के गांवों में भ्रमण कर गरीब और बेसहारा बच्चों को मुफ्त में दूध भी मुहैया करा रहे हैं और अम्बेडकर जयंती पर उन्होंने सात निर्धन परिवारों के बच्चों को भी गोद ले लिया है, अब वह उनकी शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी भी उठाएंगे। इसके बाद ऋषि यादव ने अपने गांव में विशेष पहल भी शुरू की है। अब वह समाजवादी कुटिया के माध्यम से मदद कर रहे हैं।

प्रतिदिन सैकड़ों गरीब और बेसहारा बच्चों को दूध, फल और बिस्कुट बांट रहे हैं। उनका यह कार्य अनवरत जारी है। ऋषि यादव की समाजसेवा और उनके कार्यों से समाजवादी पार्टी के मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इतना प्रभावित हो गए कि उन्होंने स्वयं अपने सोशल मीडिया हैंडल से उनके कार्यों की प्रशंसा की और ऋषि यादव की फोटो शेयर करते हुए एक स्लोगन भी दे दिया, उन्होंने लिखा— नर की सेवा, नारायण की सेवा। इसके बाद से ऋषि यादव की फोटो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो गई, अब ऋषि यादव के समाज कार्यों की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है।


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