शिक्षामित्रों को रोकने में प्रशासन फेल, उमड़ा सैलाब

शिक्षामित्रों को रोकने में प्रशासन फेल, उमड़ा सैलाब



लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर समायोजन निरस्त होने के बाद आन्दोलनरत शिक्षा मित्रों ने मांगों लेकर सोमवार से राजधानी लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में अपना सत्याग्रह शुरू कर दिया। शिक्षा मित्रों के आंदोलन को देखते हुए लखनऊ में धारा 144 लागू कर दी गई और शिक्षा मित्रों के अन्य जिले से आने पर रोकने के आदेश दिए गए। लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। सैकड़ों की तादात में अलग-अलग जिलों से शिक्षा मित्र ट्रेन, बस, ट्रक और निजी वाहन से लखनऊ पहुंचे।

सरकार की वादाखिलाफी से नाराज हैं शिक्षामित्र

सरकार की वादाखिलाफी से नाराज शिक्षा मित्रों ने हजरतगंज में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद लक्ष्मण मेला मैदान पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा की अगुआई में सरकार से संशोधित अध्यादेश लाकर उन्हें फिर से सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित करने की मांग कर रहे शिक्षा मित्रों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से भेजे गए वार्ता के प्रस्ताव को  भी ठुकरा दिया।

प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी जुटे शिक्षामित्र

प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी वाराणसी, मुरादाबाद, अमरोहा, प्रतापगढ़, सुलतानपुर, जौनपुर, गाजीपुर, अमेठी, एटा, अलीगढ़, मैनपुरी, इटावा, बदायूं, बरेली, हरदोई, सीतापुर, मेरठ, शाहजहांपुर, झांसी, हमीरपुर, समेत तमाम जिलों से शिक्षामित्र लखनऊ पहुंचे। लक्ष्मण मेला मैदान से लेकर शहीद स्मारक तक लगे शिक्षामित्रों के जमावड़े के कारण मुख्यमंत्री आवास, एनेक्सी, विधानभवन के आसपास भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। वहीं शिक्षा मित्रों की भारी भीड़ के चलते राजधानी की यायायात व्यवस्था चौपट हो गई। हर तरफ गाडिय़ा रेंगती नजर आई।

25 को दिल्ली में करेंगे प्रदर्शन

शिक्षामित्रों के इस आंदोलन में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ, कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति, भारतीय किसान यूनियन जैसे संगठनों ने समर्थन देने का एलान किया है। लखनऊ में आन्दोलन के बाद शिक्षा मित्र दिल्ली का रूख करेंगे और वहां सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के समर्थन में 25 अगस्त को जंतर-मंतर में प्रदर्शन करेंगे।

आश्वासन के बाद भी नहीं लिया कोई निर्णय

प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों का कहना है कि सरकार ने एक बार पहले भी प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करने के बाद आश्वासन दिया था। इसके बाद भी अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका। अब अध्यादेश संशोधन से कम पर बात नहीं होगी। बता दे कि प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में लगभग 1,70,000 शिक्षामित्र नियुक्त हैं।


You may also like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *