योगी सरकार के 30 माह पूरे: एसी कमरों से लेकर गांव तक का सफर

योगी सरकार के 30 माह पूरे: एसी कमरों से लेकर गांव तक का सफर



रजनीश वर्मा

लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार यानि 19 सितम्बर 30 महीने के काम-काज को जनता के सामने रखेंगे। बताया जा रहा कि इस दौरान सरकार के कामों को लेकर एक वीडियो फिल्म भी दिखाई जाएगी। इसके साथ ही सरकार अपनी सफलता की किताब जनता के सामने रखेगी। हालांकि यूपी के इस योगी के कामों का कोई सानी नहीं है। अब तक शायद ही कोई ऐसा सीएम होगा, जिसने प्रदेश के सभी जिले को एक बार से ज्यादा बार दौरा किया हो, चुनावी रैलियों को छोड़ कर।

प्रदेश में इन्वेस्टर समिट, कुम्भ, ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-2, 22 करोड़ वृक्षारोपण जैसे कुछ ट्रेंडिंग विषय हैं, कुम्भ में 20 करोड़ से ज्यादा लोगों का पवित्र स्नान, अयोध्या में देव दीपावली और भगवान राम की विश्व में सबसे ऊंची प्रतिमा अपने आप में वो बड़े काम हैं, तो तीस महीने के कामों में बताए जाएंगे।

वहीं, सीएम योगी ने इस बात को भी सुनिश्चित किया था कि केंद्र सरकार की सभी योजनाओं में उत्तर प्रदेश नंबर वन बने और इसके लिए उन्होंने काम, काम की समीक्षा बैठक और अधिकारियों को एसी कमरों से निकालकर गांवों तक जाने का निर्देश भी दिया, नतीजा ये हुआ कि 25 लाख से ज्यादा प्रधानमंत्री आवास बना कर देश में यूपी नंबर वन हो गया।

ऐसे ही सूक्ष्म और लघु उद्योग की स्थापना में पहला नंबर, उज्जवला योजना में भी बाजी मारी, ओडीएफ में नम्बर वन। इसके अलाव प्रधानमंत्री ज्योति योजना, आम आदमी बीमा योजना, ई-टेंडरिंग, किसानों के लिए मंडी के नियमों में परिवर्तन, कौशल विकास नीति, स्वास्थ्य नीति, गन्ना किसानों को 73 हजार करोड़ का भुगतान सहित तमाम मुद्दों पर योगी सरकार ने काम किये हैं।

यही वजह रही कि सरकार ने विपक्ष को घेरने का मौका ही नहीं दिया। यही नहीं, योगी सरकार ने मजबूत यूपी के लिए 62 हजार करोड़ का निवेश पहले ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में तो 65 हजार करोड़ ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 2 में हुआ है। यही नहीं, भ्रष्टाचार के खिलाफ भी सरकार ने कई कदम उठाए है।

यह पहला मौका होगा, जब भ्रष्टाचार को लेकर 201 कर्मचारी नौकरी से हटा दिए गए। योगी सरकार का दावा है कि प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई है, जिससे अपराध में कमी आई है। हालांकि विपक्ष मानने को तैयार नहीं है। विपक्षी दलों ने सरकार को लगातार कानून व्यवस्था पर घेरने का काम किया है। ये बात अलग है कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सूबे के विकास को हमेशा उसको अपने कोटे में कराया काम बता दिया, लेकिन योगी सरकार ने पूर्वांचल एक्सप्रेस, गंगा एक्सप्रेस, कई महानगरों को मेट्रो की सौगात और कई धार्मिक नगरी में विकास कार्य कराये गए और उन्हें पर्यटन से जोडऩे के लिए भी काम किये गए हैं।

प्रदेश सरकार बीते तीस महीनों में किये गए इन्हीं सब कामों को उपलब्धि के तौर पर गिनाएगी। वहीं, योगी और मोदी सरकार की रणनीति के चलते एक दूसरे के जानी दुश्मन बने सपा-बसपा साथ आ गए, लेकिन बीजेपी के बेहतरीन प्रदर्शन को रोक नहीं सके और लोकसभा नतीजों के साथ ही मायावती ने अखिलेश यादव से नाता भी तोड़ दिया। वहीं, पीएम मोदी की इस बार की जीत ने योगी सरकार के कामकाज का पर ठप्पा भी लगा दिया।

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