मोदी सरकार के ये चार सबसे विश्वसनीय अफसर, जो मिशन कश्मीर को सफलतापूर्वक दे रहे अंजाम

मोदी सरकार के ये चार सबसे विश्वसनीय अफसर, जो मिशन कश्मीर को सफलतापूर्वक दे रहे अंजाम



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New Delhi. जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के समाप्त करने से पहले और उसके बाद वहां सुरक्षा से लेकर अमलीजामा पहनाने में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समेत चार अफसर भूमिका निभा रहे हैं। इस चारों अफसरों की कार्यकुशलता का ही परिणाम है कि अभी तक घाटी में कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। तो आइये जानते है कौन हैं वो चार अफसर, जिन पर मोदी सरकार ने भरोसा जताया है।

केरल कैडर के आईपीएस अफसर एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बारे में कौन नहीं जानता है, अजीत डोभाल लगातार बीते कई वर्षों ये गुप्त आपरेशन को अंजाम देते रहे हैं, वो भी सफलता पूर्वक। आपरेशन ब्लू स्टार और आपरेशन थंडर के दौरान भी अजीत डोभाल ने अहम भूमिका निभाई थी।

यही नहीं, उरी अटैक के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा के बाद एयर स्ट्राइक में भी अजीत डोभाल ने अहम भूमिका निभाई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के सबसे विश्वसनीय अफसरों में भी उनका नाम शामिल है। जम्मू कश्मीर में भी हालातों से निपटने और वहां शांति बनाये रखने की जिम्मेदारी भी वह बखूबी तरह से निभा रहे हैं।

गृह सचिव राजीव गौवा
गृह सचिव राजीव गौवा

वहीं, जम्मू कश्मीर में एनएसए अजीत डोभाल का साथ दे रहे हैं गृह सचिव राजीव गौवा, जिन्होंने अनच्छेद 370 के हटाए जाने से पहले ही अधिकारियों से जम्मू कश्मीर का ब्लू प्रिंट ले चुके थे। जिससे सुरक्षा तंत्र को मजबूती के लागू किया जा सका।

इसके अलावा जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव वीवीआर सुब्रमण्यम ने भी कई सफल आपरेशन किए हैं। नक्सल मोर्चे पर भी उन्हें बड़ी सफलता हासिल की थी। सुब्रमण्यम यूपीए सरकार के दौरान पीएमओ में संयुक्त सचिव रहे हैं। हालांकि पीएम मोदी के कार्यकाल में भी एक साल तक पीएम में रहे हैं। पीएम मोदी ने उन पर भी विश्वास किया, अपनी इसी छवि ने उन्हें जम्मू कश्मीर पहुंचाने का काम किया है। अजीत डोभाल इनसे भी लगातार सम्पर्क में रहे हैं।

मुख्य सचिव वीवीआर सुब्रमण्यम
मुख्य सचिव वीवीआर सुब्रमण्यम

वहीं, अजीत डोभाल के साथ एक और नाम शामिल है, जो साथ में मिलकर योजना को मिलकर अंजाम दे रहे है, उनका नाम के विजय कुमार है। विजय कुमार ने कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन को मारने के लिए गठित की गई टास्क फोर्स के प्रमुख के तौर भी सफलता पूर्वक काम किया था।

बताया जा रहा है कि ये सभी अफसर एनएसए अजीत डोभाल के लगातार सम्पर्क में है और सभी मिलकर योजना पर काम कर रहे हैं। इसके साथ राज्यपाल के भी लगातार सम्पर्क में अजीत डोभाल है। जम्मू कश्मीर के नागरिकों को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे, इसके लिए उन्होंने खाने-पीने से लेकर सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए हैं।

विजय कुमार
विजय कुमार

बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला लिया है, जिसे लेकर वहां धारा 144 लागू है और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। हालांकि हालात अभी शांत बताए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों को बकरीद पर कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

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