सर्वे : प्रियंका गांधी के आने से सपा-बसपा को भारी नुकसान, भाजपा इतनी सीटों पर सिमटी

सर्वे : प्रियंका गांधी के आने से सपा-बसपा को भारी नुकसान, भाजपा इतनी सीटों पर सिमटी



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Lucknow. आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस ने चुनाव से पहले बड़ा दांव चलते हुए प्रियंका गांधी को पार्टी में अहम जिम्मेदारी सौंपी थी। प्रियंका के सक्रिय राजनीति में आने और पूर्वी यूपी के प्रभारी महासचिव का पद संभालने के बाद से सबकी नजर उन पर टिक गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या वह सूबे में और खासकर पूर्वांचल में लगभग खत्म हो चुकी कांग्रेस में नई जान फूंक पाएंगी। इस बीच, एक सर्वे में दावा किया गया है कि प्रियंका गांधी वाड्रा के सक्रिय राजनीति में उतरने से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को पूर्वांचल में फायदा हो सकता है। राजनीति में उनकी एंट्री से महागठबंधन को सबसे ज्यादा नुकसान का अनुमान है। सर्वे के मुताबिक, प्रियंका फैक्टर की वजह से पूर्वी यूपी में कांग्रेस को वोट शेयर के मामले में लाभ हो सकता है लेकिन सीटों के लिहाज से कोई खास लाभ होता नहीं दिख रहा है।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस महासचिव का पदभार संभाल लिया। अब जब उनकी सियासी पारी शुरू हो चुकी है तो सबके जहन में यह सवाल है कि क्या प्रियंका पूर्वी यूपी में मृतप्राय कांग्रेस में जान फूंक पाएंगी। निजी न्यूज चैनल ने सर्वे के जरिये इसी सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश की है। इंडिया टीवी-सीएनएक्स द्वारा पूर्वांचल की 43 सीटों पर कराए गए सर्वे के मुताबिक, तकरीबन हर सीट पर कांग्रेस का वोट शेयर तो बढ़ रहा है, लेकिन उसकी सीटों में कुछ खास इजाफा नहीं देखा जा रहा है। इसमें कांग्रेस को 4 सीटें, एनडीए को 20 और महागठबंधन को 19 सीटें मिलने का अनुमान है।

बीजेपी को ज्यादा नुकसान नहीं

सर्वे में पूर्वांचल की 43 सीटों पर प्रियंका के प्रभाव की पड़ताल की गई है। सीटवार सर्वेक्षण में यह पता लगाने की कोशिश की गई है कि प्रियंका की एंट्री के बाद से यूपी की तस्वीर कितनी बदली है और कांग्रेस को कितना फायदा हुआ है? सर्वे के मुताबिक, प्रियंका गांधी के आने के बाद से कांग्रेस का वोट शेयर तो बढ़ता दिख रहा है लेकिन उतना नहीं कि वह प्रदेश में पार्टी की सीटें बढ़ा सकें। साथ ही, इससे कांग्रेस की प्रमुख प्रतिद्वंदी बीजेपी को भी बहुत ज्यादा नुकसान नहीं दिख रहा है। प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री के बाद से प्रदेश की कुछ सीटों पर बीजेपी के वोट शेयर में कमी जरूर आई है लेकिन पहले के सर्वेक्षणों के मुकाबले उसकी सीटों में बढ़ोतरी ही दिख रही है।

प्रियंका के आने से महागठबंधन को ज्यादा नुकसान का अनुमान

सर्वे में बताया गया है कि प्रियंका गांधी के आने के बाद से कांग्रेस की 2 सीटें बढ़ेंगी। पूर्वांचल में वह अमेठी और रायबरेली सहित 4 सीटें जीत सकती है। हालांकि, इसमें महागठबंधन को ज्यादा नुकसान दिख रहा है। पुराने सर्वेक्षण में महागठबंधन को जहां 26 सीटें मिल रही थीं वहीं अब उसे 7 सीटों के नुकसान के साथ 19 सीटों पर जीत मिल रही है। एनडीए को अब भी 5 सीटों का फायदा मिल रहा है। आपको बता दें कि प्रियंका की कांग्रेस में एंट्री से पहले हुए सर्वे में बीजेपी को 15 सीटें मिलती दिखाई दे रही थीं। वहीं कांग्रेस के हिस्से में सिर्फ अमेठी और रायबरेली की सीटें आने का अनुमान था।

बढ़ सकता है कांग्रेस का वोट शेयर

कांग्रेस के लिए संतोष की बात यह है कि तकरीबन हर सीट के सर्वे में उसके वोट शेयर में बढ़ोतरी देखी गई है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी की लोकसभा सीट वाराणसी, सीएम योगी की पूर्व लोकसभा सीट गोरखपुर और डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की पूर्व लोकसभा सीट फूलपुर भी शामिल है। सर्वे के मुताबिक, वाराणसी में जहां पहले कांग्रेस को 16 फीसदी वोट मिलते दिख रहे थे, वहीं ताजा सर्वे में उसे 28 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। यहां बीजेपी को 2 प्रतिशत का नुकसान होता दिख रहा है। यहां उसे 53 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं।

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बात गोरखपुर सीट की करें तो यहां बहुत मामूली बढ़त के साथ कांग्रेस को 12 फीसदी वोट मिल सकते हैं। हालांकि, सीट बीजेपी के खाते में जाने का अनुमान है। गोरखपुर में बीजेपी को 43 फीसदी और महागठबंधन को 43 फीसदी वोट मिल सकते हैं। फूलपुर सीट पर भी बीजेपी का कब्जा हो सकता है। हालांकि, प्रियंका गांधी के आने के बाद से यहां कांग्रेस के वोट में 11 फीसदी का इजाफा होता दिख रहा है। राजनाथ सिंह की लखनऊ सीट पर कांग्रेस 5 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 28 फीसदी वोट पा सकती है।

सोर्स: एनबीटी


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