कवि गोष्ठी : 'पीत अम्बर को पहनकर हरकली आने लगी'

कवि गोष्ठी : ‘पीत अम्बर को पहनकर हरकली आने लगी’



गोला गोकर्णनाथ, खीरी। कूर्मि क्षत्रिय समाज कल्याण समिति के तत्वावधान में काव्य गोष्ठी का आयोजन पटेल संस्थान में वरिष्ठ साहित्यकार गेंदन लाल कनौजिया की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर जमकर तालियां बटोरी।

गोष्ठी को शुभारम्भ मां सरस्वती के वन्दना के साथ किया गया। इसके उपरान्त वरिष्ठ साहित्यकार नदीलाल निराश ने काव्य पाठ करते हुए कहा कि जहां कवीरा की चदरिया मैली हो जाती है, धुलते धुलते मन की निष्ठा मैली हो जाती है। बेदिल भारती ने कहा कि शिद्दतों जुल्मो सितम के खौफ से, सच न बोलू झूठ से डर जाऊ क्या। कवि जसकरन लाल शर्मा ने कहा कि भारत देश महान में प्रान्त गुजरात खास, बल्लभ भाई पटेल का सुना रहे इतिहास। श्रीपाल वर्मा ने कहा कि चांद की चाह रखने से क्या फायदा,दूर इतना कि तुमको मिलेगा नहीं।

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नवनीत वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की खुलेआम हत्या है हत्या होती, हत्यारों और डकैतों की संसद में इज्जत होती। तारिक इस्लाम तारिक ने काव्य पाठ करते हुए कहा कि तेरे हुस्न की महफिल हो, बैठे हों आशिक तेरे, चल दे तू पकड कर हाथ मेरा दरबार का आलम क्या होगा। अरविन्द पटेल अरविन्द ने कहा कि पीत अम्बर को पहनकर हरकली आने लगी, मीठे मीठे स्वर सजाकर कोकिला गाने लगी। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे गेंदन लाल कनौजिया ने अपनी रचना पढते हुए कहा कि मायामय संसार अनोखी मृग मरीचिका लागे, चकाचैंध में भूल असलियत नश्वरता अनुरागे।

इसके अलावा कवि पारस वर्मा, अवनीश पटेल अवनीश, जीशान चमन,व्योमेश पटेल, आसिफ खान आसिफ, सुधांशु वर्मा आदि ने भी काव्य पाठ किया। गोष्ठी का संचालन मुनेंन्द्र प्रताप वर्मा ने किया। इस मौके पर ईश्वरदीन वर्मा, प्रहलाद पटेल, पटेल अशोक कनौजिया, अखिलेश वर्मा, प्रमोद वर्मा, चंद्रशेखर वर्मा, सुनील वर्मा, सीपी वर्मा, पंकज वर्मा, जंग बहादुर वर्मा, सचिन वर्मा, विनोद वर्मा आदि मौजूद रहे।

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