बसपा सुप्रीमो के बॉडीगार्ड ने खोला बड़ा राज: कहा, मायावती से मिले थे अखिलेश, डिम्पल और मुलायम

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Lucknow. कहते हैं न राजनीति में कुछ भी हो सकता है। एक दूसरे के कट्टर विरोधी दल कहे जाने वाले बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी में कभी समझौता न होने की चर्चाएं आम बात थी, क्योंकि वर्ष 1995 का एक ऐसा दिन था, जो यूपी की राजनीति का काला दिन था। उस दिन जो हुआ, उसे गेस्ट हाउस कांड के नाम से जाना गया। इस कांड के बाद सपा और बसपा एक दूसरे के धुरविरेधी हो गए थे। वो घटना इतिहास में कभी न भुलानक वाली घटना थी, लेकिन 2019 के चुनाव से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने पुरानी बातों को भुलाकर गठबंधन कर लिया।

बहुजन समाजवादी की सुप्रीमो मायावती ने 12 जनवरी, 2019 यानि अपने जन्मदिन से सिर्फ तीन दिन पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ऐसा ऐलान कर दिया कि सूबे की सियासी सरगर्मियां तेज हो गईं। बसपा सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गठबंधन का ऐलान कर दिया। हालांकि मायावती के बारे में कहा जाता है कि वो कुछ भी भुलाने वाली नहीं हैं, वैसा ही हुआ। प्रेस कॉन्फ्रेस में मायावती ने 1995 के गेस्ट हाउस कांड का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने 1995 में गेस्ट हाउस में किया था वो राजनीति में नीचता की पराकाष्ठा था। हालांकि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन हो ही गया। इस बीच मायावती के सुरक्षा अधिकारी रहे पदम सिंह ने उनके निजी जिन्दगी से जुड़ी कई बातों को बताया।

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अखिलेश को नहीं पहचान पाईं थीं मायावती

पदम सिंह कहते हैं आज से करीब 17 साल पहले जब अखिलेश यादव और डिम्पल यादव ने बसपा सुप्रीमो मायावती को नमस्ते किया था, इस मायावती मायावती ने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया था, क्योंकि वह पहचान नहीं पाई थीं। पदम सिंह कहते हैं वर्ष 2002 में मायावती हेलीकाप्टर से दिल्ली जा रहीं थी। वो इकोनामिक क्लास में सफर कर रहीं थी कि इस बीच सपा मुखिया अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिम्पल यादव आ गए। उन्होंने मायावती को बैठे देखा तो उन्होंने नमस्ते किया था, लेकिन मायावती ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने बताया कि जब मायावती दिल्ली पहुंची तो उन्होंने पूछा कि वो लड़क कौन था। तो इस पद पदम सिंह ने डरते हुए जवाब दिया था कि वो मुलायम सिंह यादव के बेटे—बहू अखिलेश और डिम्पल थे।

मायावती ने सुरक्षा अधिकारी को डांटा था

इतना सुनते ही मायावती ने पदम को डांटा और कहा, आपने पहले क्योंकि नहीं बताया। वो लड़का क्या सोच रहा होगा मेरे बारे में। उसकी पत्नी क्या सोच रही होगी, यह गलत हुआ है। इसके आगे पदम सिंह कहते हैं कि जब वह मायावती को छोड़कर सामान उठाने आए तो एक बार फिर उनकी मुलाकात अखिलेश और डिम्पल से हो गई। पदम सिं​ह ने बताया कि इस बार अखिलेश ने कहा, अगर हम और बहनजी हाथ मिला तो पूरे देश में शासन कर सकते हैं, लेकिन बिडम्बना यह है कि हम दोनों सत्ता से बाहर हैं।

मायावती से फ्लाइट में मिले थे मुलायम

पदम सिंह ने बताया एक साल बाद फिर एक ऐसा वाक्या सामने आया जब सभी लोग दहशत में थे, क्योंकि मुलायम सिंह यादव और मायावती की सीट एक दूसरे के बगल में थी। पदम सिंह ने कहा, इसे लेकर वह लोग सपा से सम्पर्क किया और एक नेता को मना लिया कि मायावती के आने से पहले वह प्लेन में बैठ जाएं। खैर मुलायम सिंह यादव फ्लाइट में आकर पहले ही बैठ गए। मुलायम आकर अखबार पढ़ने लगे।

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इसके मायावती भी आई और फ्लाइट में बैठ गई, दोनों लोगों ने एक दूसरे को देखा नहीं था, लेकिन दिल्ली में प्लेन से उतरते वक्त दोनों नेताओं का एक दूसरे से सामना हो गया। इस पर मुलायम सिंह बहुत ही शालीनता से पेश आए। मुलायम ने मायावती को बहन जी कहकर पुकारा और उन्होंने कहा, आप पहले निकल जाइये। इस पर मायावती ने कहा, नहीं आप पहले निकल जाइये, क्योंकि आपकी सीट हमसे पहले है। इसके मुलायम ने फिर कहा, आप मेरी बड़ी बहन जैसी है, आप पहले निकल जाइये।

भाजपा ने भी रखा था गठबंधन का प्रस्ताव

यही नहीं, पदम सिंह कहते हैं कि बसपा सुप्रीमो मायावती को पहचान पान कोई आसान काम नहीं है। वह राजनीति में बहुत ही मंझी हुई हैं। पदम सिंह ने बताया कि साल 2003 में जब मायावती के सामने बीजेपी ने गठबंधन को प्रस्ताव रखा था तो उन्होंने इनकार कर दिया था। मायावती ने कहा था कि भाजपा उन्हें 80 में से सिर्फ 20 सीटें ही देना चाहती है। मायवती ने कहा था कि इन्हें क्या कंचा बनाकर खेलूंगी।

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बता दें कि पदम सिंह 69 वर्ष के हैं। वह यूपी पुलिस में खुफिया विभाग के अधिकारी थे। 1995 में उन्हें मायावती का पर्सनल सेक्रेटरी बनाया गया था। हालांकि इससे पहले वह मुख्यमंत्रियों के साथ काम कर चुके थे। पदम सिंह उसकी जाटव दलित जाति के थे, जिस जाति की मायावती थीं। आपको बता दें कि ये वही पदम सिंह है, जिनका नाम मीडिया में तब उझला था जब वह मायावती की सैंडिल साफ कर रहे थे। इस मामले पर पदम सिंह ने कहा, बारिश का समय था, मायावती हेलीकाफप्टर पर सवार हो रहीं थी। उनके सैंडिल भीगे थे, कहीं उनका पैर न फिसल जाए इसलिए मैंने उनके पैरो को पकड़ लिया था, क्योंकि ये मेरी जिम्मेदारी थी। हालांकि ऐसा करने से उन्होंने मना किया था।


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