चुनावों के बाद अब खुलकर सामने आए दिग्विजय, बोले...मैं गर्दिश में था, लेकिन...

चुनावों के बाद अब खुलकर सामने आए दिग्विजय, बोले…मैं गर्दिश में था, लेकिन…



New Delhi. लोकसभा चुनाव को भले ही कुछ दिन बचे हों, लेकिन अभी भी बीते विधानसभा चुनावों की चर्चा तेज है, क्योंकि पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने भाजपा को बुरी तरह से हराया। कांग्रेस ने भाजपा से तीनों राज्य छीन लिए। जबकि एक राज्य कांग्रेस ने गंवा दिया। अब चर्चा हो क्यों न, क्योंकि जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे, तब से एक—एक कर कांग्रेस को कई राज्यों से विदा कर दिया है। अब आगामी लोकसभ चुनाव से ऐन वक्त पहले कांग्रेस को तीन राज्य जीतकर संजीवनी मिल गई है।

आगामी लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने पांच में तीन राज्यों में अपनी सरकारें बना ली है, जिससे उसे संजीवनी मिल गई है। यही नहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी उनके ही पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सवाल उठा रहे थे। यहां तक तो राहुल गांधी को सलाह भी दी जाने लगी थी कि 2019 को राहुल गांधरी भूल जाएं, अब 2024 की तैयारी करें। हां, ये तो सच है, क्योंकि पूरे देश में हालात ही कुछ ऐसे बन गए थे। पर, भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ किसानों का गुस्सा और एससीएसटी एक्ट को लेकर सवर्णों का गुस्सा उस पर भारी पड़ गया और कांग्रेस बाजी मार ले गई।

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विधानसभा चुनावों में मिली जीत के बाद अब कांग्रेस हाईकमान से लेकर कार्यकर्ता तक में एक जोश नजर आ रहा है। एक ओर जहां नई सरकारें किसानों और युवाओं को लेकर बड़े ऐलान कर रही हैं। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित तमाम वरिष्ठ नेता अपने—अपने बखान में जुटे हुए हैं। हर कोई राहुल गांधी को जीत का हीरो बताने में जुटा हुआ है। राहुल गांधी सहित कांग्रेस के बड़े नेता मीडिया से रू—ब—रू हो रहे हैं और भाजपा पर सीधे हमलावर है। राहुल गांधी तो सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चोर बता रहे हैं। राहुल ने कहा कि वह तब तक भाजपा और पीएम मोदी को सोने नहीं देंगे जब तक पूरे देश के किसानों का कर्जा न माफ हो जाए। खैर जो भी आगामी लोकसभा चुनाव त​क ऐसे वादे और नेताओं के भाषण जनता को सुनने को मिलते रहेंगे। अब बात करते हैं मध्य प्रदेश की।

दरअसल, चुनावों के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक मीडिया के कार्यक्रम में बातचीत कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कांग्रेस के प्रदेश बनेंगे। इस पर उन्होंने कहा कि वह 1985 में कांग्रेस के अध्यक्ष थे, अब वह दोबारा एसपी से थानेदार नहीं बनना चाहते हैं। इसके साथ ही जब पत्रकारों ने पूछा कि आप चुनावों के दौरान कहां थे तो उन्होंने कहा कि मैं गर्दिश में था। उन्होंने कहा कि कमलनाथ मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं और आगे भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर चुनावों की बात है तो मैं आपको बता देता हूं कि 230 टिकट पार्टी ने तय किए थे वो सभी उन्होंने ही तय किए हैं। दिग्विजय से जब ज्योतिरादित्य सिंधिया के सीएम न बनने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह मेरा निणर्य नहीं था, यह निर्णय पार्टी हाईकमान लेती है। इसमें मेरा कोई हस्तक्षेप नहीं था। उन्होंने कहा कि मै 10 साल सीएम रह चुका हूं, इसलिए अब मुझे भी सीएम नहीं बनना है।

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