बसपा सुप्रीमो मायावती का लेटर हुआ लीक, कांग्रेस-भाजपा में मच गया हड़कम्प

बसपा सुप्रीमो मायावती का लेटर हुआ लीक, कांग्रेस-भाजपा में मच गया हड़कम्प



Lucknow. आगामी लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर सभी दल तैयारियों में जुटे हुए हैं, हालांकि कांग्रेस जहां बीते विधानसभा चुनावों में जीत का जश्न मना रही है। वहीं, भाजपा हार की समीक्षा करने की बजाय मजबूत रणनीति बनाने में लगी हुई है। वहीं, सपा और बसपा अपनी साइलेंट पॉलिसी पर काम कर रही है। इसी बीच बसपा सुप्रीमो मायावती का एक लेटर यानि पत्र लीक हो गया है, जिससे कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में हड़कम्प मच गया है। दरअसल, इस पत्र का भाजपा और कांग्रेस से कोई लेना—देना नहीं है, लेकिन बसपा की रणनीतियों का खुलासा जरूर हो गया है।

देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में से तीन राज्यों में कांग्रेस ने भाजपा को हराकर सत्ता छीन ली है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस बहुमत से दो सीट कम रह गई थी। ऐसे में बसपा सुप्रीमो मायावती ने भले ही भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया हो, लेकिन कांग्रेस और बसपा में अभी कड़वाहट कम नहीं हुई है। बहुजन समाज पार्टी के अंदरखाने से एक पत्र या लिस्ट लीक हुई है, जिससे साफ पता चल रहा है कि बसपा सुप्रीमो मायावती के 15 जनवरी को होने वाले जन्मदिन की तैयारियां युद्व स्तर पर चल रही हैं। मायावती हर बार की तरह इस बार भी अपने जन्मदिन को खास बनाने के तैयारी में हैं। इसके लिए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देश भी जारी कर दिया है। वहीं, जन्मदिन पर मायावती अपनी ताकत का भी अहसास कराती हैं, ऐसे में छोटे—बड़े दलों को निमंत्रण भी भेजा जाता है।

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आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए मायावती ने अपने सहयोगी और विचारधारा वाले छोटे और बड़े दलों को न्यौता भेजना शुरू कर दिया है। ऐसे में अंदाजा भी लगाया जा रहा है कि बसपा सुप्रीमो मायावती अपने जन्मदिन पर कोई खास ऐलान भी कर सकती हैं। महागठबंधन को लेकर भी ऐलान किया जा सकता है। हालांकि कांग्रेस भी महागठबंधन की बात करती है, लेकिन हाल में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा है कि चुनाव से पहले महागठबंधन संभव ही नहीं है, क्योंकि बीते विधानसभा चुनावों में बसपा सुप्रीमो मायावती ने जहां सम्मानजनक सीटों की बात कहकर कांग्रेस से किनारा कर लिया था। वहीं, समाजवादी पार्टी ने देरी की बात कहकर किनारा कर लिया था, लेकिन चुनाव के बाद जब कांग्रेस को सहारा की जरूरत पड़ी तो बसपा ने तुरंत समर्थन दे दिया। वहीं, सपा ने भी समर्थन देना उचित समझा, सबसे खास बात ये है कि समर्थन दिए अभी चार दिन भी नहीं बीते थे कि मायावती की एक बड़ी रणनीति का खुलासा हो गया।

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दरअसल, मायावती ने अपने जन्मदिन पर सभी दलों को निमंत्रण दिया है, चाहें वह समाजवादी हो या अजीत जोगी की जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़, लेकिन मायावती ने कांग्रेस और भाजपा को निमंत्रण नहीं दिया है। इससे ऐसा लग रहा है कि मायावती से कांग्रेस की कडवाहट कम नहीं हुई है। इसके अलावा मायावती के जन्मदिन में आने वाले मेहमानों की लिस्ट से कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के नामों का गायब होना और सभी गैर कांग्रेसी और गैरभाजपाई दलों के नेताओं को निमंत्रण देने से ऐसा लग रहा है कि मायावती इस दिन कोई बड़ा ऐलान कर सकती हैं।

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रजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो बसपा सुप्रीमो मायापती एकला चलों की रणनीति पर ज्यादा विश्वास करती हैं, लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि मायावती तीसरा मोर्चा बना रहीं हैं। क्योंकि मीडिया की सुर्खियों में कई बार ये बात सामने आई है कि मायावती छोटे दलों के साथ मिलकर आगामी लोकसभा चुनाव के लिए तीसरा मोर्चा बना सकती हैं। खैर जो भी लेकिन मेहमानों की लिस्ट से कांग्रेस के नेताओं के नाम न होना, कहीं न कहीं से कांग्रेस के लिए झटका साबित हो सकता है।


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