तीन राज्यों में हार के बाद मोदी सरकार का ये बड़ा दांव, इन किसानों का कर्ज होगा माफ!

तीन राज्यों में हार के बाद मोदी सरकार का ये बड़ा दांव, इन किसानों का कर्ज होगा माफ!



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New Delhi. आगामी लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की मोदी सरकार को तब और बड़ा झटका लगा, जब वह पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव हार गई। जबकि हिन्दी भाषी तीन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की ही सरकार थी। मध्य प्रदेश, छत्तीसढ़ और राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सरकार गंवा दी। इन राज्यों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। इन राज्यों में हार के बाद से ही आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार के लिए मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि इन तीन राज्यों में कांग्रेस की जीत का सबसे बड़ा कारण किसानों की दस दिनों में कर्ज माफी का ऐलान ही है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी अब 2019 के चुनाव से ठीक पहले कर्जमाफी का ऐलान कर सकती है।

देश के पांच राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और मिजोरम में हुए विधानसभा चुनावों को आगामी लोकसभा चुनाव में सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा था। इन पांच राज्यों में से तीन राज्यों में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को पटखनी देते हुए कांग्रेस ने सरकार बना ली है जबकि तेलंगाना और मिजोरम में क्षेत्रीय दलों ने अपनी सरकारें बनाई हैं। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी मोदी सरकार के लिए मुसीबत बन गई है। अगर बीते लोकसभा चुनाव 2014 की बात की जाए तो भारतीय जनता पार्टी को इन्हीं तीनों हिन्दी भाषी राज्यों में भाजपा को सबसे ज्यादा सीटें मिलीं थीं। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनाव से पहले इन राज्यों में भाजपा की हार होने से करारा झटका लगा है। ऐसे में केंद्र की मोदी सरकार सत्ता में वापसी के लिए कोई बड़ा दांव खेल सकती है।

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मोदी सरकार चलेगी मास्टर स्ट्रोक

तीन बड़े राज्यों में हार के बाद मोदी सरकार कोई बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेल सकती है। अगर सरकारी सूत्रों की मानें तो मोदी सरकार आगामी लोकसभा चुनाव से पहले किसानों को लुभाने के लिए कर्जमाफी का ऐलान कर सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो छत्‍तीसगढ़, मध्‍य प्रदेश और राजस्‍थान में कांग्रेस की जीत का एक बड़ा कारण राहुल गांधी का 10 दिन के अंदर किसान कर्जमाफी का वादा था। अब आगामी लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी भी इस दांव को खेल सकते हैं। हालांकि इससे पहले 2009 के चुनाव में कांग्रेस ने किसानों की कर्जमाफी का ऐलान किया था। इसके बाद कांग्रेस को सत्ता दोबारा मिल गई थी। ऐसे में मोदी सरकार कोई भी दांव चल सकती है, जिससे उसे सत्ता हासिल हो सके।

किसानों का लुभाने का होगा पूरा प्रयास

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र और राज्य की सरकारें किसानों के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई हैं, इसलिए सरकारों के खिलाफ किसानों में आक्रोश देखने को मिला है। हालांकि अगले चुनाव भी होने हैं, ऐसे में मोदी सरकार किसानों के लिए लोकलुभावन योजनाओं का ऐलान कर सकती है। माना जा रहा कि केंद्र सरकार किसानों की कर्जमाफी का भी ऐलान कर सकती है। अर्थशास्‍त्री अशोक गुलाटी ने कहा कि चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में सकार आप जल्‍द ही किसान कर्जमाफी के वादे कर सकती है।

चार लाख करोड़ का होगा कर्जमाफ

सरकारी सूत्रों की मानें तो कर्ज माफी के तहत 56.5 अरब डॉलर या चार लाख करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया जा सकता है। हालांकि अफसरों का मानना है कि यह अब तक की सबसे बड़ी कर्जमाफी योजना होगी। अर्थशास्त्रियों ने सरकार को आगाह किया है कि कर्ज माफी से देश का वित्तीय घाटा बढ़ेगा। सरकार ने चालू खाता घाटा लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.3 फीसदी रखा है।

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