बसपा सुप्रीमो मायावती का बड़ा एक्शन, इस कद्दावर नेता को पार्टी से किया बाहर, मचा हड़कम्प

बसपा सुप्रीमो मायावती का बड़ा एक्शन, इस कद्दावर नेता को पार्टी से किया बाहर, मचा हड़कम्प



Lucknow. आगामी लोकसभा चुनाव और पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटीं बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने कोई भी कोर—कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। मायावती पार्टी की मजबूती को लेकर कई बड़े कदम भी उठाने से नहीं चूक रही हैं। दरअसल, बसपा सुप्रीमो मायावती ने कुछ ऐसा ही बड़ा कद उठाया है, जिससे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में हड़कम्प मच गया है।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ नेता मुकुल उपाध्याय को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते उन्हें बाहर ​का रास्ता दिखा दिया है। पार्टी के जिला संयोजक रणवीर कश्यप ने बताया कि मुकुल के खिलाफ पार्टी-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की शिकायतें थीं। मुकुल का बीजेपी नेताओं के साथ उठना-बैठना था और वह बीजेपी के एक कार्यक्रम में शामिल भी हुए थे। इस कारण उन्हें पार्टी से निकालने का फैसला लिया गया। वहीं, माना जा रहा है कि अलीगढ़ से 2019 के चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन रामवीर अपनी पत्नी को वहां से टिकट दिलाना चाहते थे। ऐसे में जब मुकुल को टिकट मिलने की संभावना घटती दिखी तो वह बीजेपी नेताओं से संपर्क करने लगे। रामवीर की पत्नी सीमा 2009 में फतेहपुर से लोकसभा चुनाव जीती थीं, लेकिन 2014 में बीजेपी के बाबू लाल से हार गई थीं।

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पार्टी से निकाले जाने के बाद पूर्व विधायक मुकुल उपाध्याय ने बसपा सुप्रीमो मायावती टिकट के बदले 5 करोड़ रुपए मांगने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जब अलीगढ़ सीट पर टिकट के बदले उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया तो उनके भाई रामवीर ने कहा कि उनकी पत्नी सीमा चुनाव लड़ेंगी। यही नहीं, मुकुल ने अपने भाई और भाभी पर साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मायावती ने मुझे अलीगढ़ से 2019 के चुनाव लड़ने देने की रजामंदी दी थी, लेकिन बाद में टिकट के बदले मुझे 5 करोड़ रुपए देने के लिए कहा गया। जब मैंने कहा कि मेरे पास पैसे नहीं हैं तो मेरे भाई ने मुझ पर चिल्लाना शुरू कर दिया और कहा कि वह पैसे देंगे और उनकी पत्नी चुनाव लड़ेंगी। वह मेरे राजनीतिक विकास से जलते हैं।’

बता दें कि मुकुल ने 2014 के लोकसभा चुनाव गाजियाबाद और 2017 में विधानसभा चुनाव शिकारपुर और बुलंदशहर से बसपा के टिकट पर लड़ा था और बीजेपी प्रत्याशियों से हार गए। उन्होंने अलीगढ़ में 2007 में भी चुनाव लड़ा था। बताया गया है कि बीएसपी सुप्रीमो पर रामवीर के अच्छे प्रभाव के कारण मुकुल को विधायक बनाया गया था। रामवीर को पश्चिम यूपी में बीएसपी के ब्राह्मण चेहरे के रूप में देखा जाता है। वह माया के कैबिनेट में ऊर्जा मंत्री रह चुके हैं।

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