'हार्दिक' के चक्कर में बुरे फंसे अखिलेश यादव, मचा बवाल

‘हार्दिक’ के चक्कर में बुरे फंसे अखिलेश यादव, मचा बवाल



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Lucknow. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी को ‘हार्दिक श्रद्धांजलि’ देना काफी भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर यूजर्स उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। एनडी तिवारी के निधन सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट हुआ था, जिसमें लिखा था, ‘उप्र व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री नारायण दत्त तिवारी जी के निधन पर हार्दिक श्रद्धांजलि!’

अखिलेश यादव के ट्वीट में इस्तेमाल ‘हार्दिक’ शब्द पर कुछ ट्विटर यूजर्स ने आपत्ति जताते हुए सपा प्रमुख पर निशाना साधा है। यूजर्स का कहना है कि ‘हार्दिक’ शब्द का इस्तेमाल किसी शुभ कार्य में बधाई व शुभकामना संदेश देने के लिये होता है, जबकि निधन जैसे मौकों पर भावभीनी व अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता है।

सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे अखिलेश

ट्विटर यूजर Siddhartha Sachin लिखते हैं, ‘ये हार्दिक श्रद्धांजलि का मतलब क्या है? हार्दिक बधाई तो समझ में आता है। हार्दिक इस्तेमाल ज्यादा खुशी हो तो होता है।’

chetan giri goswami लिखते हैं- शर्म करो शर्म हार्दिक बधाइयाँ कब देते हैं।

‏Doga लिखते हैं- ‘हार्दिक शुभकामनाएं होती हैं और श्रद्धांजलि भावभीनि खैर नेताजी के… से गलती हो जाती है।

शाम्भवी लिखती हैं- होता है, मार्मिक या भावभीनी जैसे शब्द इनके शब्दकोश में होते नहीं।

ललीत चौधरी लिखते हैं- हार्दिक बधाई होती है और भावभीनी श्रद्धांजलि…

Koushal K लिखते हैं- अरे यादव जी ‘श्रद्धांजलि’ कभी भी ‘हार्दिक’ नहीं होती.. क्या यही संस्कार है .. अरे अरे आप तो नवाजवादी पार्टी से हो .. आपको कहाँ पता होगा।

Saket Jha लिखते हैं- कुछ बातें सिखायी नहीं जा सकतीं‏

Sanjay Kumar Kaushik लिखते हैं- हृदय से श्रद्धांजलि देने में गलत क्या है? दिवंगत बुजुर्ग को हृदय से ही नमन किया गया है। इन की भारतीय राजनीति में अहम भूमिका रही है, जो सदैव सम्मान के साथ देखी जाएगी।

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