मायावती, अखिलेश के बाद इस बड़े नेता ने छोड़ा कांग्रेस का साथ, राहुल गांधी मुसीबत में फंसे

मायावती, अखिलेश के बाद इस बड़े नेता ने छोड़ा कांग्रेस का साथ, राहुल गांधी मुसीबत में फंसे



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New Delhi. आगामी लोकसभा चुनाव और पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को त्तीसरा तगड़ा झटका लगा है। वैसे राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी जब से कांग्रेस के अध्यक्ष हैं तभी लगातार पार्टी को झटके लग रहे हैं। राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के ​बाद कांग्रेस पार्टी ने कई चुनाव हारे हैं और अब राहुल गांधी के लोकसभा चुनाव को लेकर उन्हें झटका लगा है। दरअसल, कांग्रेस राहुल गांधी आगामी लोकसभा चुनाव और पांच राज्योें में होने वाले विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से हटाने के लिए गठबंधन करने की जुगत में लगे हैं, लेकिन उनके गठबंधन को लेकर झटके पर झटके लगते जा रहे हैं।

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आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका रहती है, क्योंकि लोकसभा की सबसे ज्यादा सीटें यहीं हैं। यूपी में लोकसभा की कुल 80 सीटें हैं। पिछले लोकसभा चुनाव 2014 में भारतीय जनता पार्टी को 71 सीटों पर जीत हासिल हुई थी, जबकि दो सीटें भाजपा की सहयोगी पाटीट अपना दल के खाते में गईं थीं। ऐसे में भाजपा को 73 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। इसके बाद 2017 के यूपी चुनावों में भी भाजपा की भारी जीत हुई थी। जबकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन खास सफलत नहीं हासिल हुई थी। यूपी विधानसभा चुनावों के बाद हुए लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में सपा और बसपा ने मिलकर चुनाव लड़ा तो भाजपा को सभी सीटें गंवानी पड़ गई। यूपी मेें हुए उपचुनाव और कर्नाटक के विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस सहित करीब 18 गैरभाजपाई दलों ने एक मंच पर जुटने के आवाहन किया।

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी सहित 18 दल एक मंच पर जुटे और यहीं से गठबंधन करने की हवा चल पड़ी। खबरों की मानें तो कांग्रेस पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में छोटे दलों से गठबंधन कर भाजपा को हराना चाहती है, लेकिन सीटों के बंटवारे में पेंच फंसता नजर आ रहा है, क्योंकि बसपा सुप्रीमो मायावती साफ कह चुकी हैं कि सम्मानजनक सीटें न मिलने में गठबंधन नहीं होगा। हालांकि आगे चलकर ऐसा ही हुआ और मायावती ने कांग्रेस ने गठबंधन न करने का ऐलान कर दिया।

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बसपा सुप्रीमो मायावती के ऐलान के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी कांग्रेस से अन्य राज्यों में गठबंधन न करने का ऐलान कर दिया, जो कांग्रेस के लिए किसी झटके से कम नहीं है। यही नहीं, अब माकपा के महासचिपव सीताराम येचुरी ने भी राहुल गांधी को झटका दे दिया है। माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि महागठबंधन बनाने के प्रयास हकीकत से दूर हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में महागठबंधन संभव नहीं है। येचुरी ने कहा कि पार्टी की केंद्रीय समिति ने अलग-अलग राज्यों में धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ आपसी समझ के आधार पर चुनावी सहयोग कायम करने का फैसला किया है।

यही नहीं, सीताराम येचुरी ने कहा कि माकपा केन्द्रीय समिति ने आगामी लोकसभा और पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए तीन मुख्य लक्ष्य तय किए हैं। पहला भाजपा को हराना, दूसरा माकपा को मजबूत करना और तीसरा चुनाव के बाद वैकल्पिक धर्मनिरपेक्ष सरकार का गठन करना है। येचुरी ने कहा कि त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबले वाली ऐसी सीटों पर जहां माकपा अपने प्रत्याशी नहीं उतारेगी, भाजपा उम्मीदवार को हराने में सक्षम दल का समर्थन करेगी। अब ऐसे में तीन बड़े दलों का कांग्रेस से दूर होना कहीं न कहीं से राहुल गांधी को तगड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि चुनावों तक अभी गठबंधन को लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता है। हालांकि गठबंधन को झटके से भारतीय जनता पार्टी के लिए कहीं न कहीं से फायदा ही होगा।

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