चुनाव 2019 : सभी राजनीतिक दलों के लिए मायावती बनी मजबूरी, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

चुनाव 2019 : सभी राजनीतिक दलों के लिए मायावती बनी मजबूरी, पढ़ें पूरी रिपोर्ट



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आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल जुटे हुए हैं, लेकिन यहां सबसे गौर करने वाली बात है कि बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती की हर एक दल को अपने साथ मिलाना चाह रही हैं। आखिर ऐसी क्या वजह आ पड़ी जो मायावती की चर्चा जोरों पर है। बसपा सुप्रीमो मायावती के न करने के बावजूद राजनीतिक दल गठबंधन की कोशिश में जुटे हुए हैं।

बसपा सुप्रीमो मायावती को 2012 के यूपी विधानसभा चुनाव, 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद 2018 में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और आगामी लोकसभा चुनाव में अन्य राजनीतिक दल गठबंधन करने की कोशिश में लगे हुए हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और बसपा के बीच गठबंधन की खबरें आ रही थीं, लेकिन मायावती ने इस पर दो टूक जवाब देकर सब साफ कर दिया। मायावती ने कहा कि कांग्रेस से तीनों राज्यों में गठबंधन की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने गठबंधन न होने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को जिम्मेदारी ठहराया है। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अभी भी आस है कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने विधानसभा में गठबंधन नहीं किया तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन आगामी लोकसभा चुनावों में हम गठबंधन कर सकते हैं।

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वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी यह कहते हुए कांग्रेस से गठबंधन की खबरों को खारिज कर दिया है कि अब बहुत देर हो चुकी है। अखिलेश ने कहा ​कि बहुत दिनों तक कांग्रेस का इंतजार किया, लेकिन अब कांग्रेस से गठबंधन संभव नहीं है, लेकिन सबसे गौर करने वाली बात है कि बसपा सुप्रीमो मायावती से गठबंधन के लिए सभी दल तैयार हैं, चाहें कांग्रेस ​हो या समाजवादी पार्टी। यही नहीं, भारतीय जनता पार्टी भी गठबंधन करने की फिराक में है। भाजपा के कई नेता बार—बार कह चुके हैं कि मायावती अगर भाजपा से गठबंधन करना चाहती हैं तो उनके लिए दरवाजे खुले हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो बीते दिनों यूपी में हुए लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में फूलपुर, गोरखपुर, कैराना और नूरपुर में सपा और बसपा गठबंधन को मिली जीत के बाद से ही विपक्षी दलों को लगने लगा है कि भाजपा को सत्ता में आने से रोकना है तो सभी दलों कासे मिलकर चुनाव लड़ना होगा। वहीं, भाजपा भी मायावती के बढ़ रहे जनाधार से घबरा रही है। यही नहीं, अन्य राज्यों में भी चाहें वह छत्तीसगढ़ हो या राजस्थान, हर जगह मायावती के साथ कई दल गठबंधन को तैयार हैं। हालांकि छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी और राजस्थान में ओम प्रकाश चौटाला की पार्टी से मायावती ने गठबंधन कर लिया है। यही नहीं, ओम प्रकाश चौटाला ने यहां तक कहा दिया है कि मायावती को पीएम उम्मीदवार बनाने के लिए पुरजोर कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि मायावती पीएम बनती हैं तो देश के किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा।

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वहीं, मीडिया में ये भी खबरें आ रही ​है कि बसपा सुप्रीमो मायावती छोटे—छोटे दलों के साथ मिलकर तीसरा मोर्चा बनाने की तैयारी कर रही हैं। बताया जा रहा है कि करीब छोटे बड़े आठ दल मिलकर एक गठबंधन बनाने की फिराक में हैं। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यदि मायावती ने तीसरा फ्र्रंट बनाया तो कांग्रेस और भाजपा दोनों को काफी नुकसान हो सकता है। वहीं, यूपी में भी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव बसपा से गठबंधन की फिराक में हैं। खैर जो भी हो, इन सब चीजों से जल्द ही पर्दा उठ जाएगा, कि कौन—कौन दल किससे गठबंधन करेगा।


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