छात्रों को बड़ा झटका, पेपर लीक के बाद 72000 प्रशिक्षुओं पर संकट

छात्रों को बड़ा झटका, पेपर लीक के बाद 72000 प्रशिक्षुओं पर संकट



Lucknow. प्रदेश की योगी सरकार के लिए फुलप्रूफ परीक्षा कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। आए दिन परीक्षाएं लीक​ हो रही हैं, जो छात्रों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। वहीं, सरकार परीक्षा को लेकर घोर लापरवाही बरत रही है। इससे छात्रों में जबरदस्त नाराजगी है। माना जा रहा है कि कहीं न कहीं से प्रशासन की अनदेखी छात्रों पर भारी पड़ रही है। दरअसल, बीटीसी 2015 चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर लीक होने के परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं।

प्रदेश के कौशाम्बी में सोमवार को परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले सभी विषयों का पेपर लीक होने के बाद सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने प्रदेशभर की परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसी के साथ 72 हजार से अधिक बीटीसी प्रशिक्षुओं का भविष्य अधर में पड़ गया है। चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा टलने के कारण सभी प्रशिक्षु दिसंबर में प्रस्तावित 95 हजार से अधिक सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा से बाहर हो जाएंगे। ये प्रशिक्षु अपीयरिंग के आधार पर चार नवंबर को प्रस्तावित टीईटी 2018 में तो शामिल हो जाएंगे, लेकिन शिक्षक भर्ती की परीक्षा नहीं दे सकेंगे, क्योंकि उसके लिए बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर पूरा होना अनिवार्य है और इतने कम समय में चतुर्थ सेमेस्टर का परिणाम आना संभव नहीं। 8 से 10 अक्टूबर तक प्रस्तावित परीक्षा के लिए 72688 प्रशिक्षुओं को प्रवेश पत्र जारी हुआ था। पहले दिन सोमवार की परीक्षा से पहले रविवार रात को ही तीन दिनों में होने वाले सातों विषयों के पेपर कौशाम्बी में व्हाट्सएप पर वायरल हो गया।

सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि सभी पेपर के पहले पन्ने का मिलान करने पर पेपर लीक होने की पुष्टि हुई है। डीआईओएस को एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। परीक्षा की अगली तिथि बाद में घोषित होगी।


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