अखिलेश को झटका, मायावती के साथ आ रहा है ये बड़ा दल

अखिलेश को झटका, मायावती के साथ आ रहा है ये बड़ा दल



आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर तैयारियों में जुटी बहुजन समाज पार्टी के लिए एक बड़ी खबर है। वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को झटका लग सकता है, क्योंकि यूपी में मायावती के सम्पर्क में बड़े नेता हैं। यूपी में मायावती से गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है।

बसपा सुप्रीमो मायावती कांग्रेस से गठबंधन को नकार चुकी हैं। इसके बाद अखिलेश यादव ने भी कांग्रेस से गठबंधन से इनकार कर दिया है। तो ऐसे में माना जा रहा है कि क्या सपा—बसपा के गठबंधन की वजह से अखिलेश ने कांग्रेस से नाता तोड़ा है। खैर जो भी, लेकिन इस बीच एक बड़ी खबर आ रही है,जो अखिलेश यादव की मुसीबत बढ़ा सकती है। दरअसल, अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव बसपा से गठबंधन करने की जुगत में हैं। ऐसे माना जा रहा है कि यदि मायावती और शिवपाल में गठबंधन हो गया तो अखिलेश यादव को झटका लग सकता है।

पूर्व समाजवादी नेता अमर सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी के पारंपरिक वोटरों के लिए अभी भी मुलायम सिंह ही उनके नेता हैं। वे ऐसे वोटर हैं जो न तो बीजेपी के साथ जाने के लिए तैयार हैं और न ही कांग्रेस को वोट देंगे। चुनाव के लिए मायावती छोटे-छोटे राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार हैं। ऐसे में शिवपाल यादव और मायावती को एकसाथ चुनाव लड़ने के बारे में सोचना चाहिए।

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राजस्थान और मध्य प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद अमर सिंह ने ट्वीट किया था कि यह कांग्रेस और महागठबंधन के लिए बहुत बड़ा झटका है। अमर सिंह पिछले दिनों कहा था कि शिवपाल यादव को बीजेपी के साथ मिलकर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ना चाहिए। लेकिन, शिवपाल यादव ने साफ-साफ कह दिया था कि वे समाजवादी हैं, इसलिए बीजेपी के साथ गठबंधन का सवाल ही नहीं उठता है।

हालांकि, 4 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मैं शिवपाल यादव से अपील करता हूं कि वे अपनी पार्टी समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का बीजेपी में विलय कर लें। मैं उनका बीजेपी में स्वागत करता हूं। हालांकि, उन्होंने चुनाव से पहले गठबंधन की संभावनाओं को नकारा। शिवपाल यादव से जब एकबार पूछा गया था कि, क्या वे गठबंधन में शामिल होना चाहेंगे। उस समय उन्होंने कहा था कि जरूर, अगर मुझे शामिल होने के लिए कहा जाता है तो गठबंधन का हिस्सा जरूर बनूंगा। फिलहाल, शिवपाल यादव पार्टी से ज्यादा से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं को जोड़ने में लगे हुए हैं। शिवपाल की कोशिश होगी कि वे गठबंधन में ज्यादा से ज्यादा सीटों पर दावेदारी पेश कर सकें।

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बता दें, बसपा पहले ऐलान कर चुकी है कि वह राजस्थान, मध्य प्रदेश में कांग्रेस के साथ बल्कि अकेले चुनाव लड़ेगी। ऐसे में मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ने संकेत दिए थे कि वह सपा के साथ बातचीत कर गठबंधन की दिशा में कदम बढ़ाएंगे. लेकिन, शनिवार (6 अक्टूबर) को अखिलेश ने साफ कर दिया कि कांग्रेस ने बहुत इंतजार कराया, इसलिए अब उनका इंतजार नहीं करेंगे। विधानसभा चुनावों के लिए तारीखों का ऐलान हो चुका है। ऐसें में देखने वाली बात होगी कि इन चुनावों में कौन सी पार्टी किसके साथ चुनाव लड़ती हैं। आने वाले दिनों के घटनाक्रम से लोकसभा चुनाव 2019 में गठबंधन की स्थिति भी साफ हो जाएगी।

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